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वज्र वाहन की ट्रैक्टर-ट्राली से भिड़ंत, बंदी की मौत

Tue, 09 Dec 2014 05:30 AM IST
Shahjahanpur
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शाहजहांपुर। निगोही रोड पर गांव राघवपुर के पास सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुलिस टीम के वज्र वाहन की गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्राली से आमने सामने की भिड़त हो गई। यह टीम रामपुर के न्यायालय में बंदी 45 वर्षीय राकेश को डकैती के एक मुकदमे में पेशी कराने के बाद शाहजहांपुर लौट रही थी। हादसे में राकेश की मौत हो गई और एक हेड कांस्टेबल समेत चार सिपाही घायल हो गए, उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें से सिपाही सुनील कुमार त्रिपाठी की हालत गंभीर बनी हुई है। चालक मौके से ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया, ट्राली चूंकि पलट गई थी, इसलिए चालक ने उसे वहीं छोड़ दिया।
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राकेश मिलक(रामपुर) क्षेत्र के गांव रौरा खुर्द का रहने वाला था और इन दिनों यहां जिला जेल में बंद था। राकेश की डकैती के मामले में सोमवार को रामपुर के एडीजे द्वितीय के कोर्ट में पेशी थी। सोमवार की सुबह पुलिस लाइंस के तैनात हेड कांस्टेबिल एपी भगवंत, कांस्टेबिल धर्मवीर सिंह, मुनीष पाल सिंह और चालक सुनील कुमार त्रिपाठी टाटा 407 वज्र वाहन से राकेश को रामपुर लेकर गए थे। पेशी के बाद पुलिस टीम राकेश को वापस लेकर आ रही थी। बरेली रोड पर फरीदपुर में जाम लगा होने की वजह से पुलिस टीम ने राकेश को जेल में दाखिल करने की जल्दी में फरीदपुर से वाहन बीसलपुर मार्ग पर मोड़ दिया। निगोही होते हुए शाहजहांपुर आते वक्त डालमिया चीनी मिल से तीन किलोमीटर आगे राघवपुर के पास वज्र वाहन की सामने से आ रहे गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्राली से भिड़ंत हो गई।
दुर्घटना की सूचना पर पहुंची निगोही पुलिस घायलों को जिला अस्पताल लेकर आई। डॉक्टरों ने बंदी राकेश को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में एएसपी ग्रामीण आशाराम यादव, सीओ सिटी राजेश्वर सिंह, सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा, कोतवाली इंस्पेक्टर आरपी सिंह पहुंच गए। सभी पुलिस कर्मियों को निजी अस्पताल ले जाया गया। बंदी के परिवार को मिलक पुलिस के माध्यम से जानकारी देने की बात अधिकारियों ने बताई है।
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तीन दिसंबर को ही यहां लाया गया था राकेश
राकेश के ऊपर यहां वर्ष 2011 में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज किया था। लूट की योजना बनाते समय गिरफ्तार होने के आरोप में यह मुकदमा हुआ था। वह डकैती के आरोप में रामपुर जेल में ही बंद था। अब जब जीआरपी के लिखाए मुकदमे में यहां के कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ तो राकेश को यहां तीन दिसंबर को ले आया गया था, तभी से वह यहां की जेल में बंद था। अब जब रामपुर में पेशी हुई तो उसे सोमवार को वहां ले जाया गया। राकेश शातिर अपराधी था और उस पर जीआरपी थानों में आठ मुकदमे थे। इसमें से बरेली में एक गैंगस्टर का मुकदमा, शाहजहांपुर में लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार होना, रामपुर में डकैती, लूट और चोरी के छह मुकदमे थे। इन मुकदमों से पता चलता है कि राकेश ट्रेनों में ही घटनाओं को अंजाम देता था।
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