सिंधौली ब्लॉक में मनरेगा के सोशल ऑडिट का मामला
- 21.63 लाख की रिकवरी निकलने पर भड़के ग्राम प्रधान
- प्रधानों के सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी पर बनी समिति
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सिंधौली ब्लॉक के गांवों में मनरेगा के तहत कराए गए कामों में सोशल ऑडिट टीम को मिले सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के मामलों के सत्यापन को सीडीओ डॉ. राममनोहर मिश्रा ने लोनिवि प्रांतीय खंड के एक्सईएन आरके सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इससे पहले, संबंधित ग्राम प्रधानों ने बृहस्पतिवार को सीडीओ से मिलकर सोशल ऑडिट टीम की ब्लॉक समन्वयक गीता शर्मा के खिलाफ ज्ञापन दिया और उनकी जांच पर कई सवाल खड़े करके दोबारा जांच नहीं किए जाने पर सामूहिक त्यागपत्र देने की चेतावनी दी।
इसलिए भड़के क्षेत्र
के ग्राम प्रधान
मनरेगा की सोशल ऑडिट टीम ने पिछले दिनों सिंधौली क्षेत्र के गांव गनपतपुर हरैया, महानंदपुर, मूड़ा हारिस, खंडसार, दिलावरपुर, पिलखना, नगरिया प्रयागपुर, चक कन्हऊ, जमुनियां, अनावा, गरगैया, मुड़िया पवांर, खिरिया पाठक और भटपुरा रसूलपुर में जांच की थी। जांच में मनरेगा मद में 18.60 लाख रुपये और इंदिरा आवासों केनिर्माण में 3.03 लाख रुपये का गोलमाल पाया गया।
सिंधौली की ब्लॉक समन्वयक गीता शर्मा ने इस धनराशि की रिकवरी किए जाने की सिफारिश करते हुए जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी तो संबंधित प्रधान भड़क उठे। उन्होंने ब्लॉक समन्वयक पर टीम सदस्यों केमाध्यम से धन की उगाही कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सोशल ऑडिट टीम को तकनीकी ज्ञान नहीं होने के कारण बीडीओ और ब्लॉक के जेई स्तर से जांच कराई जानी चाहिए। प्रधानों के इस तर्क को जायज मानते हुए सीडीओ ने जांच कमेटी गठित की।
प्रधानों की आपत्ति
ठीक, कराएंगे जांच
‘सोशल ऑडिट टीम की तकनीकी जानकारी पर प्रधानों की आपत्ति सही मानते हुए उन सभी गांवों में तकनीकी टीम से जांच कराई जाएगी, जहां की रिपोर्ट सोशल ऑडिट टीम से मिली हैं। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन (प्रांतीय खंड) के नेतृत्व में गठित टीम में सिंधौली के बीडीओ और ब्लॉक स्तरीय एक अन्य अधिकारी को शामिल किया गया है।’
-डॉ. राममनोहर मिश्रा, सीडीओ