रामपाल से दीक्षा लेने गए
युवक की बहन बिछड़ी
पिता ने पुत्री का पता लगाने के लिए पुलिस को दी दरखास्त
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। अपनी बहन के बिछड़ने का गम, आंखों में खौफ, बेबसी तथा लाचारी लिए यह तस्वीर उस अभागे युवक की है जो हरियाणा के हिसार में संत रामपाल के आश्रम पर हुए बवाल का चश्मदीद है। तेरह दिन पहले अपनी 14 साल की बहन और अन्य गांव वालों के साथ उक्त आश्रम पर दीक्षा लेने पहुंचा यह युवक बृहस्पतिवार दोपहर को जब घर आया तो घरवाले उससे लिपटकर रो पड़े। बेटी की तलाश को लेकर इस युवक के पिता ने कोतवाली में तहरीर दी है।
क्षेत्र के गांव चंदौरा बहादुरपुर के मंझरा प्रतापनगर में रामपाल के कई अनुयायी हैं। सात नवंबर को यहां से विशेश्वर, उनकी पत्नी सुरजीत, उसकी मां सोबरन, उनका भाई सत्यराम और भाभी के अलावा यह युवक विमलेश कुमार अपनी 14 साल की बहन सुलोचना के साथ रामपाल के आश्रम में दीक्षा लेने गया था। विमलेश ने बताया कि उसके पिता रामकिशोर पहले से ही रामपाल के शिष्य हैं। उन्हीं के कहने पर वह अपनी बहन को लेकर वहां गया था। बवाल होने से पहले ही उन लोगों को आने से रोक दिया गया था। वहां मौजूद सभी उसी की तरह फंस गए।
विमलेश ने बताया कि जब पुलिस के साथ जोर जबरदस्ती हुई तो वह मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था। आश्रम के अंदर चीख पुकार मची हुई थी। स्वामी जी के अंगरक्षक मुचैटा संभाले थे तो वे लोग इधर-उधर दुबक गए, भगदड़ में बहन उससे बिछुड़ गई और वह किसी तरह निकल कर वह बाहर आ गया। पुलिस ने उसे गाड़ी पर बैठाकर हिसार तक छोड़ दिया, लेकिन उसकी बहन का पता नहीं चला। इसे काफी प्रयासों के बाद भी वह ढूंढ नहीं सका। बताया गांव के अन्य सभी लोग यहां आ गए हैं। उधर, मोबाइल पर बात न हो पाने से उक्त लोगों के घरवाले बुरी तरह परेशान थे। बृहस्पतिवार को और सभी लोग लौट आए, लेकिन सुलोचना के न लौटने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई है।
सतलोक आश्रम में फंसा है पुवायां का हरिओम
पांच में से दो लोग लौटे, दो का पता नहीं
तीन दिन से परेशान मां की बृहस्पतिवार को हुई पुत्र से बात
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। मोहल्ला आजादनगर का 26 वर्षीय हरिओम हरियाणा में रामपाल के सतलोक आश्रम में फंसा हुआ है। पुवायां के पांच लोग सतलोक आश्रम गए थे। दो लोग बुधवार को लौट आए। दो अन्य के बारे में भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
दुर्गाकिशोरी अपने पुत्र हरिओम के साथ घर पर रहती हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 18 दिन पहले उनका पुत्र नगर के निगोही रोड निवासी पतिराखन, मोहल्ला कसभरा के पूरनलाल, मोहल्ला कमलबाग के एक युवक और गांव नवाबपुर के एक किसान के साथ सतलोक आश्रम गया था। तीन दिन पूर्व उन्हें कुछ लोगों ने आश्रम में बवाल की जानकारी दी तो वह चिंतित हो उठीं। पुत्र से संपर्क भी नहीं हो सका। बृहस्पतिवार की सुबह हरिओम का फोन उनके पास आया। उसने बताया कि वह सतलोक आश्रम में फंसा हुआ है। पुलिस ने आश्रम सील कर दिया है और किसी को भी बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। जैसे ही वह आश्रम से निकल पाएगा घर पहुंचेगा।
बुधवार को घर लौटे पतिराखन और पूरनलाल भी उन्हें कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। दोनों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई भी बात करने से इंकार कर दिया। कमलबाग के युवक और नवाबपुर के किसान के बारे में भी पता नहीं चल रहा है। हरिओम के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्विच ऑफ होने के कारण बात नहीं हो सकी।