चाइनीज आइटमों से ज्यादा देश में बनी चीजें खरीद रहे लोग
- सोशलसाइट्स पर पोस्ट करने से लोगों में बढ़ी जागरूकता
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। दिवाली पर चाइनीज आइटमों पर भारत में बने आइटम भारी पड़ रहे हैं। इसे मेक इन इंडिया की गूंज का असर माना जा रहा है। साथ ही सोशलसाइट्स पर चीनी आइटमों के बहिष्कार करने की तमाम पोस्टोें की वजह से इस बार लोग चाइनीज चीजें कम पसंद कर रहे हैं। वहीं, भारत में बनी क्वालिटीदार चीजें चीनी आइटमों पर भारी पड़ रहीं हैं।
दिवाली से संबंधित डिजाइनर दीये, झूमर, रंगोली, लक्ष्मी जी के चरण आदि से संबंधित तमाम चीजें बाजारों में उपलब्ध हैं। इस बार बाजारों में भारत में बनी चीजों पर लोग अधिक ध्यान दे रहे हैं। सदर बाजार के दुकानदार दीपक अरोरा ने बताया कि इस बार अधिकतर ग्राहक भारत में बनी चीजों की डिमांड कर रहे हैं। कहा कि भारत में बने दीयों के सामने चीनी दीयों की चमक फीकी पड़ गई है। बताया कि इन चीजों में मूल्यों का भी कोई खास अंतर नहीं है।
आतिशबाजी के थोक विक्रेता वेदप्रकाश गुप्ता ने बताया कि चाइनीज आतिशबाजी की बिक्री न के बराबर होती है। बोले कि लाइसेंस धारक दुकानदार चाइनीज आतिशबाजी नहीं बेचते हैं। देशी पटाखों के सामने चाइनीज आतिशबाजी कहीं नहीं टिकती है। साथ ही आतिशबाजी छुटाने वाले के घायल होने की संभावना अधिक रहती है। इस वजह से देश में बनी आतिशबाजी की हर साल धूम रहती है।
स्कूली बच्चे भी मिट्टी के बने डिजायनर दीयों की मांग कर रहे हैं। बताया कि आर्टिफिशियल रंगोली भी बाजार में मौजूद हैं। रंगोली के ट्यूब से वूडेन सांचे में भरकर इसे बनाया जा सकता है। चौखट पर लगने वाली शुभ दीपावली की बेल और राजस्थानी झूमर भी खूब बिक रही है। लक्ष्मी जी और गणेश जी के साथ का होम डेकोरेशन सेट भी खूब बिक रहा है। शहर के बाजारों में मिट्टी के डिजायनर दियों की बिक्री भी खूब हो रही है।
आधे रेट में मिलेगी मुर्गा
छाप आतिशबाजी
शहर के थोक विक्रेता ने बताया कि मुर्गाछाप आतिशबाजी एमआरपी से आधे रेटों में बिक्री की जाएगी। कहा कि इस पर कंपनी से अधिक दाम प्रिंट कराए जाते हैं। इस वजह से ऐसा करना पड़ता है। साथ ही बताया कि अनार की रेंज 40 से लेकर 200 रुपये तक, चरखी 25 से लेकर 200 तक, फुलछड़ी पांच से लेकर 50 तक, सीको पटाखे का बंडल 350 और रॉकेट 20 से लेकर 300 रुपये प्रति डिब्बे तक मौजूद है। 12 स्टार सौ रुपये का, साठवाई छह सौ से लेकर 3500 तक और साता बाजा तीन सौ रुपये के 15 पीस हैं। वहीं, एक हजार पटाखों की चटाई सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक की रेंज में मौजूद है।