शाहजहांपुर। हर घर को बिजली से रोशन करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई सौभाग्य योजना के तहत ऊर्जीकृत जिले के विभिन्न विकास खंडों के पांच ऐसे गांवों में मंगलवार को बिजली महोत्सव मनाया जाएगा, जो बिजली से पहली बार रोशन हुए हैं। पॉवर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों को योजना की प्रगति का ब्योरा देते हुए बताया कि चयनित गांवों में महोत्सव के दौरान कैंप लगाकर योजना से किन्हीं कारणों से छूटे घरों को कनेक्शन देने के साथ ग्रामीणों की अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
बिजली महोत्सव के लिए चयनित गांवों में विकास खंड भावलखेड़ा के गांव बिलंदपुर गौंटिया, निगोही ब्लॉक के राजस्व ग्राम पिपरिया उदयभान के मझरा हरदयालनगर, पुवायां ब्लॉक में पकड़िया हकीम, खुदागंज ब्लॉक में लालपुर गौंटिया और विकास खंड ददरौल के राजस्व ग्राम ककरघटा के मझरा रामनगर शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिले में कुल 2789 मझरा हैं, जिनमें से 1994 मझरों में दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना और 622 मझरों में सौभाग्य योजना से बिजली पहुंचाकर ग्रामीण विद्युतीकरण की शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति कर ली गई है।
एसई श्रीवास्तव ने बताया कि योगी सरकार के 22 माह के कार्यकाल में जिले में विभाग स्तर से 3.02 अरब रुपये से अधिक लागत के काम कराए जा चुके हैं। 1.12 लाख घरों को निशुल्क कनेक्शन दिए गए, 132 केवी क्षमता के दो और 33 केवी क्षमता के तीन नए बिजली उपकेंद्रों की स्थापना की गई। 33 केवी के तीन अन्य उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई। एसई ने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति सालाना बिजली खपत 1122 यूनिट है, जबकि विश्व में प्रति व्यक्ति बिजली खपत 2674 यूनिट और चीन में 4475 यूनिट प्रति वर्ष है।
उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोत बढ़ने से थर्मल पॉवर पर निर्भरता घट गई है। इसलिए बिजली उत्पादन एवं वितरण में भी तेजी से सुधार हो रहा है। वार्ता में मौजूद सौभाग्य योजना के नोडल अफसर/एक्सईएन ग्रामीण आरबी यादव ने स्पष्ट किया कि कार्यदायी संस्थाओं और विभाग स्तर पर सर्वे किए जाने से पता चला कि 173 ऐसे गांव हैं, जिनके दोहरे नाम हैं अथवा गैर आबाद श्रेणी में राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि 404 ऐसे गांव हैं, जिन्हें पहली बार बिजली मिली है। इन सभी गांवों में बारी-बारी कैंप लगाकर वहां के छूटे गांवों को संतृप्त किया जाएगा।