शाहजहांपुर। गत वर्ष आठ नवंबर को मोदी सरकार की ओर से की गई नोटबंदी के विरोध में कांग्रेसजनों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आह्वान पर बुधवार को काला दिवस मनाया। उन्होंने टाउनहाल के पार्टी कार्यालय में बैठक कर केंद्र सरकार के इस फैसले की भर्त्सना की और बाद में शहीद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर मौन रहकर धरना दिया।
कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने कहा कि नोटबंदी ने देश के गरीब, मजदूरों और मजलूमों को बेरोजगार कर बरबाद कर दिया। आम आदमी के बच्चों को सरकारी नौकरियों के पहले से लाले थे, नोट बंदी ने नौकरियों का संकट बढ़ा दिया। मोदी सरकार ने तानाशाही की पराकाष्ठा कर दी है और इसका बदला देश की जनता 2019 के चुनाव में लेगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा ने कहा कि खुद को जनता का सेवक बताने वाले प्रधानमंत्री ने अमीरों को फायदा पहुंचाने के लिए नोट बंदी थोप दी, लेकिन सरकार के इस जन विरोधी फैसले के दुष्प्रभाव से समाज के तमाम वर्ग अभी तक उबर नहीं पाए हैं। सिर्फ अपने फायदे के लिए देश को प्रभावित करने वाले फैसले ले रहे मोदी को बताना चाहिए कि नोट बंदी से आम लोगों समेत व्यापारियों को कितना लाभ हुआ।
बाद में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका परिषद के सामने जाकर शहीद प्रतिमाओं को माल्यार्पण कर नमन किया और वहीं पर मौन धरना दिया। धरना-प्रदर्शन में रजनीश गुप्ता, हरभजन सिंह दुआ, महेश बाबू मिश्र, अनूप वर्मा, मनोज त्रिपाठी, फुरकान अहमद कुरैशी, हरनाम कटियार आदि शामिल रहे।