शाहजहांपुर। शहर के गौहरपुरा मिशन फील्ड स्थित यज्ञ स्थल पर बुधवार को 108 कुंडीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ में आसपास के जनपदों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए साधकों ने यज्ञ पूजन किया। इस दौरान विद्यारंभ, पुंसवन, अन्नप्रासन और विवाह संस्कार संपन्न कराए गए। शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के नायक परमानंद ने कहा कि गायत्री यज्ञ का उद्देश्य लोककल्याण की भावना है । इसी मूलमंत्र को अंगीकार कर हम सब समाज के कल्याण की भावना रख सामूहिक रूप से यज्ञ करते हैं।
टोली नायक परमानंद ने सहयोगी टीम के गणेश, वंशी, गायक शंभू पांडे, तबला वादक मंजीत ने संगीतमय मंत्रोच्चारण के साथ देव आह्वान कर यज्ञ आरंभ कराया। मुख्य वेदी पर पूजन के बाद हवन संपन्न हुआ। टोली नायक परमानंद ने कहा कि गायत्री परिवार में जो भी धार्मिक कार्यक्रम होते हैं उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी होता है। जिस स्थान पर यज्ञ होता है उसके आसपास का वातावरण और क्षेत्र से रोग, शोक और कलुषताएं समाप्त हो जाती हैं । चारों ओर एक नए परिवेश की उत्पत्ति होती है, जिसमें शांति, उन्नति और प्रेम का समावेश होता है। इस मौके पर विद्यारंभ संस्कार मे दर्जन भर से अधिक नन्हे मुन्ने बच्चों को पूजन के साथ विद्यारंभ कराया गया। यज्ञ में लखीमपुर, बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, कानपुर, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ आदि जनपदों से आए गायत्री परिजनों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर रंजीत वर्मा, सूरज, गंगाराम, संजीव, मंजू, शिवानी, शशि, राजेंद्र सिंह, हवलदार, ऋतुराज आदि मौजूद रहे।
गायत्री महायज्ञ के बाद पूर्ण आहुति आज
जिला संयोजिका उर्मिला ठाकुर ने बताया कि 26 अक्तूबर सुबह 6 बजे से 7:30 बजे तक सामूहिक जप ध्यान, प्रज्ञा योग, व्यायाम, 8 बजे से 11 बजे तक देव पूजन और गायत्री महायज्ञ के बाद पूर्ण आहुति और प्रसाद वितरण होगा। अंत में टोली की विदाई का कार्यक्रम होगा ।
विवाह के साथ पांच सौ संस्कार हुए
108 कुंडीय यज्ञ के बाद विवाह संस्कार का आयोजन हुआ, जिसमें श्यामू पुत्र चेतन और वधू वर्षा पुत्री राजेश निवासी रौसर कोठी के परिणय सूत्र मे बंधने के बाद सभी उपस्थित लोगों ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। आयोजक ने बताया कि विवाह के अलावा करीब 500 अन्य संस्कार भी कराए गए हैं। कार्यक्रम में सभी उपस्थित गायत्री परिजनों ने वर वधू को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की ।