शाहजहांपुर। आसाराम प्रकरण में पीड़ित की ओर से गवाह रहे कृपाल सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी कार्तिक को सोमवार को भी सुरक्षा कारणों से यहां कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। कार्तिक को सीजेएम कोर्ट में पेश होना था।
शहर की बिटिया के यौन शोषण के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के गुर्गे कार्तिक ने 10 जुलाई की रात लगभग आठ बजे थाना सदर बाजार क्षेत्र के कैंट एरिया में गवाह कृपाल सिंह गोली मार दी थी। कृपाल सिंह की अगले दिन बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को घटना से जुड़े तथ्य मिले तो वह कानपुर के नारायण पांडे को पकड़ लाई। उससे पूछताछ में पता चला कि नारायण पांडे ने रैकी की थी और कार्तिक ने कृपाल सिंह को गोली मार दी थी। नारायण पांडे यहां जिला कारागार में बंद है, जबकि कार्तिक को पानीपत करनाल में दूसरे गवाह की हत्या के मामले में जेल में बंद है। कृपाल हत्याकांड मामले की यहां कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसे इससे पहले भी कई बार कोर्ट में हाजिर करने का कहा गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे यहां हाजिर नहीं किया जा सक ा। सोमवार को उसे कोर्ट में हाजिर करने के लिए कहा गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे हाजिर नहीं किया जा सका। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने बताया कि मंगलवार को इस मामले में रिपोर्ट देने के बाद अगली तारीख मिलेगी कि कार्तिक को कब पेश किया जाना है।