अनशन स्थल पर वन कर्मियों की बिगड़ी हालत
डॉ. परीक्षण के बाद किए गए जिला अस्पताल रेफर
सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन देकर समाप्त कराया धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
वन विभाग के न्यूनतम वेतन कर्मियों का एक जून से जारी धरना प्रदर्शन बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग के आश्वासन पर समाप्त हो गया । अफसरों ने वन कर्मियों की मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया।
वन विभाग के 49 न्यूनतम वेतन कर्मियों ने तत्कालीन डीएफओ मनोज खरे पर न्यूनतम वेतन समाप्त करने का आरोप लगाते हुए वन विभाग कार्यालय के समक्ष एक जून से धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया था। वन कर्मी अपनी मांगों पर अड़े थे। उन्होंने चार जून से क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया गया था। इसके बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी गई। बुधवार को धरने पर बैठे तीन वन कर्मियों की हालत बिगड़ गई। तब जिला अस्पताल से आए डॉ. अनिल राज ने उनका उपचार किया व हालत गंभीर होने की स्थिति में उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया गया। धरने पर बैठे कर्मचारियों की हालत बिगडने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया । आननफानन में सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार डीएफओ गोपाल ओझा धरना स्थल पर पहुंचे और सभी से वार्ता की । सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी कर्मचारियों को मामले में शीघ्र से शीघ्र कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया। इस दौरान धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस में न्यूनतम वेतन पहले की भांति दिए जाने, 2001 के बाद के विनियमितीकरण में नाम सम्मिलित कर विनियमित किए जाने की मांग उठाई। सिटी मजिस्ट्रेट ने मांगों पर विचार किए जाने व आला अफसरों को अवगत कराने की बात कही। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। धरना स्थल पर राधेश्याम, जोगिंदर,विजेंद्र, प्रेम सागर, बृज मोहन तिवारी आदि लोग बैठे थे।