शिक्षित बेरोजगारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सेवायोजन विभाग द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न कंपनियों के भर्ती मेले सहायक सिद्ध हो रहे हैं। गत एक वर्ष के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की 21 कंपनियों ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से 786 युवाओं का चयन करके उन्हें नौकरियों की सौगात दी। हालांकि, सरकारी दफ्तरों में रिक्तियों के सापेक्ष एक भी पंजीकृत बेरोजगार को रोजगार नहीं मिल सका।
सरकारी सेक्टर में सपना बन गईं नौकरियां
दो-तीन दशक पीछे तक सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से नौकरियां पाने के लिए युवाओं में खासी होड़ रहती थी। उन दिनों सरकारी विभाग सीधे रिक्तियां विज्ञापित कराने के बजाय उनकी डिमांड रोजगार दफ्तर भेजते थे और वहां से पंजीकृत बेरोजगारों के नाम वरिष्ठता के आधार पर सरकारी कार्यालयों को भेज दिए जाते थे। यही नहीं, रोजगार कार्यालय से भेजी गई बेरोजगारों की सूची में शामिल युवाओं को ही इंटरव्यू में शामिल करके उनका चयन कर लिया जाता था। अब नियुक्तियों के लिए विभिन्न आयोगों का गठन होने और सरकारी विभागों द्वारा सीधे आवेदन आमंत्रित कर लिए जाने से सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अभी 40 हजार बेरोजगारों को नौकरी का इंतजार
जिला सेवायोजन कार्यालय में शिक्षित, अशिक्षित और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त 40346 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इनमें 10967 ऐसे बेरोजगार हैं, जिन्होंने गत वर्ष एक जनवरी से 31 दिसंबर की अवधि में नौकरी की उम्मीद के साथ रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराया। जाहिर है कि नौकरी की आस में रजिस्ट्रेशन कराने वाले बेरोजगारों की संख्या तेजी से इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि उन्हें नौकरी के अवसर घट गए हैं।
134 बेरोजगार सरकारी दफ्तरों से हुए खारिज
सेवायोजन विभाग के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले वर्ष विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा कई संवर्गों के लिए दस रिक्तियां अधिसूचित करके रोजगार कार्यालय भेजी गईं। इसके सापेक्ष 134 पंजीकृत बेरोजगारों के नाम सरकारी विभागों को भेजे गए, लेकिन किसी भी बेरोजगार को नौकरी नहीं मिल सकी।
प्राइवेट सेक्टर से जुड़ीं बेरोजगारों की उम्मीदें
सरकारी विभागों में नौकरी की प्रक्रिया जितनी दुरूह हो रही है, बेरोजगारों की प्राइवेट सेक्टर से रोजगार की उम्मीदें उतनी ही बढ़ रही हैं। इसलिए निजी कंपनियों के रोजगार भर्ती मेले आयोजित करने का निर्णय किया और इसके परिणाम भी अपेक्षाकृत बेहतर मिल रहे हैं। पिछले साल विभिन्न कंपनियों के 11 भर्ती मेले लगाकर सैकड़ों युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। रोजगार भती्र मेलों के आयोजन की श्रंखला जारी रखी जाएगी।
-मीता गुप्ता, जिला सेवायोजन अधिकारी