शाहजहांपुर। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के जुर्म में सात साल की सजा काट रहे युवक की रविवार दोपहर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे सांस और शुगर की बीमारी थी। जेल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना खुदागंज क्षेत्र के गांव भर्री बसंतपुर निवासी 30 वर्षीय नेत्रपाल को खुदागंज पुलिस ने आठ जनवरी, 2011 को दहेज की खातिर पत्नी कमलेश की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जिला कारागार भेजा था। तब से वह जेल में बंद था। इस दौरान मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने उसे पिछले माह सात साल की सजा सुनाई थी। जेल में बंद रहने के दौरान उसे सांस और शुगर की बीमारी हो गई। उसका कई बार लखनऊ भेजकर इलाज कराया गया लेकिन वह ठीक नहीं हुआ।
तबीयत बिगड़ने पर नेत्रपाल को 29 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से उसे लखनऊ अस्पताल भी ले जाया गया। इलाज के बाद वहां से उसे 31 अगस्त को जिला अस्पताल भेज दिया गया था। रविवार दोपहर लगभग 1.30 बजे नेत्रपाल ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नेत्रपाल की शादी वर्ष 2010 में पीलीभीत के थाना बीसलपुर क्षेत्र के ईंटगांव निवासी ख्यालीराम की बेटी कमलेश से हुई थी। शादी के एक साल बाद कमलेश ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में मृतका के पिता की ओर से खुदागंज में दहेज की खातिर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। घटना के 15 दिन बाद पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में नेत्रपाल, उसके भाई हरिपाल और मां सिक्का देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हरिपाल और सिक्का देवी की छह माह बाद जमानत हो गई थी, जबकि नेत्रपाल जेल में था। सजा भी उसे ही हुई थी।