शाहजहांपुर। सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने सुबह तड़के से ही मंदिरों की ओर रुख कर दिया था। जलाभिषेक के लिए भक्तों को काफी देर तक कतार में खड़ा होना पड़ा।
सोमवार को अधिकांश भक्तों ने उपवास रखकर भोले बाबा की आराधना की। प्रमुख मंदिरों बाबा विश्वनाथ मंदिर, बाबा बनखंडीनाथ मंदिर, बाबा चौकसीनाथ मंदिर समेत अन्य सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं ने दूध, दही, गंगाजल से अभिषेक कर विधि-विधान से बेलपत्र, पुष्प, चंदन, फल, मिष्ठान, धतूरा, भांग आदि अर्पित कर आरती की और अपने आराध्य से सुख-संपन्नता की कामना की।
वहीं, देर रात तक भक्त मंदिरों में देव स्वरूपों के दर्शन करने को उमड़ते रहे। मंदिरों के बाहर मेले जैसा माहौल रहा। प्रमुख मंदिरों में पुलिस बल तैनात रहा। खासतौर पर महिला पुलिसकर्मी सुरक्षा का जिम्मा संभाले रहीं। चौराहों और मंदिरों के बाहर बेलपत्र, पुष्प, धतूरे, मिष्ठान आदि की दुकानें सजी रहीं। सोमवार के कारण मंदिरों में भव्य सजावट की गई। इस दौरान सुबह से ही हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़ियों को किया स्वागत
शाहजहांपुर। साझी शहादत-साझी बिरासत के लिए प्रख्यात क्रांतिकारियों की नगरी में एक बार फिर आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। सावन में गोला गोकर्णनाथ के प्रख्यात पौराणिक मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे कांवड़ियों का मुस्लिम समाज के लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर और फूल बरसाकर स्वागत किया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्यों ने पूर्व शहर अध्यक्ष तसलीम लगारी के नेतृत्व में हथौड़ा चौराहा पहुंचकर कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। लगारी ने शबाब अली, शब्बू खां, मोहम्मद कामराज, शाहेद अंसारी, फूलमियां, जमीर हसन आदि के साथ कांवड़ियों को फूल मालाएं पहनाकर उन पर फूल बरसा कर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की। इसकी क्षेत्रवासियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा भी की।