शाहजहांपुर। प्रशासन ने लॉकडाउन के पहले चरण में विदेशों समेत देश के अन्य राज्यों से आए ऐसे 700 से अधिक लोगों की पहचान कराई है, जो यहां आकर फंस गए हैं। इनमें आठ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। खास यह है कि शासन ने 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी करने वाले बाहरी लोगों को उनके मूल निवास स्थान पर भिजवाने की तैयारी की है, लेकिन अभी तक की जांच में जो बाहरी लोग यहां मिले हैं, उनमें से विदेशियों को छोड़कर अधिकांश काम-धंधे से जुड़े हैं और वे लॉकडाउन खुलने के बाद भी अपने घरों को लौटना नहीं चाहते। वहीं, विदेशी नागरिकों को भारत सरकार से अग्रिम दिशा निर्देश मिलने तक क्वारंटीन में रखने का निर्णय किया गया है।
लॉकडाउन के चलते दिहाड़ी और रोजगार छिनने पर बीते मार्च माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली, बिहार समेत अन्य राज्यों और विदेश गए जिले के लोगों ने घर वापसी शुरू कर दी थी। विदेश से आए ऐसे 158 लोगों समेत करीब दस हजार जिले के नागरिक चिन्हित किए गए थे। इस दौरान अन्य जनपदों के जो लोग आगे यात्रा का साधन नहीं मिलने से यहां फंस गए थे, उन्हें रोडवेज की स्पेशल बसों से दिल्ली समेत यूपी के आसपास के जनपदों को भिजवाने की व्यवस्था की गई थी। इधर, प्रदेश सरकार ने 14 दिन का क्वारंटीन समय बिता चुके अन्य जनपदों और राज्यों के लोगों की घर वापसी कराने का निर्णय किया तो शासन के निर्देश पर ऐसे लोगों की पहचान शुरू की गई जो अन्य शहरों और राज्यों के रहने वाले हैं।
अभियान चलाकर हुई तलाश
इसकेे लिए जिले के सभी दो सौ ज्यादा ईंट-भट्ठा समेत अन्य उद्योगों से जुड़े कर्मचारियों का पता लगाने का अभियान चलाया गया। अधिकारियों के स्तर से हुई छानबीन से पता चला है कि ईंट-भट्ठों समेत अन्य कारखानों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के सात सौ श्रमिक एवं कर्मचारी यहां कार्यरत हैं। शहबाजनगर मेें रेलवे ठेकेदार के अधीन छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के मजदूर कार्यरत हैं, लेकिन यह सभी घर लौटने के बजाय काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी के अनुसार यह सभी रोजगार के लिए यहां आए हैं और लॉकडाउन खुलने पर भी यहां से नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया कि खिरनीबाग की धर्मशाला में रहने वाले गुजराती मूल के परिवारों ने लखनऊ में अस्थायी ठिकाना बनाया है, लेकिन फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले यह लोग भी घर लौटने के बजाय काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
लॉकडाउन मेें यहां लोग फंसे नहीं बल्कि रुके हुए हैं। तबलीगी जमात से जुड़े आठ विदेशी नागरिकों के बारे में सरकार अंतिम निर्णय करेगी। इनके अतिरिक्त उत्तराखंड के दस, तमिलनाडु के दो और राजस्थान का एक व्यक्ति है और यह सभी अजीजगंज शेल्टर होम में क्वारंटीन में रह रहे हैं। इन्हें घर भेजने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी