शाहजहांपुर। लॉकडाउन के नियमों मेें पालन और कानून व्यवस्था की कसौटी पर शासन से जिले को ग्रीन जोन में शामिल करने के बाद सोमवार से लोगों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। सब ठीक रहा तो बंद पड़े सरकारी कार्यालयों मेें रौनक लौटने लगेगी और जिले की सूचीबद्ध औद्योगिक इकाइयों में फिर से उत्पादन शुरू हो सकेगा। वहीं, ई-कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से विभिन्न वस्तुओं के कारोबार और उनकी घर तक पहुंच का रास्ता भी सुगम हो जाएगा।
किसानों और कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए सरकार कई बुनियाद कदम पहले ही उठा चुकी है। मंडियां पहले ही खुल चुकी हैं। गेहूं फसल की कटाई और उसे खेतों से क्रय केंद्रों तक उठान के लिए किसानों को छूट मिल चुकी हैं और कृषि यंत्रों की बिक्री से प्रतिबंध भी हटाया जा चुका है। अब सरकार ने बंद पड़े उद्योगों को संजीवनी देने के लिए उनमें सशर्त उत्पादन शुरू करने की तैयारी करके उनसे जुड़े कामगारों को न सिर्फ उनका बल्कि उद्यमियों का भविष्य सुरक्षित रहने का संकेत दिया है। इसी तरह ई-कॉमर्स कंपनियों को उपभोक्ता वस्तुओं की होम डिलीवरी कराने का संकेत देकर लॉकडाउन के कारण घरों में बंद आम लोगों की कठिनाइयों में राहत देने की तैयारी की है।
ई-कॉमर्स कंपनियों को छूट के विरोध में व्यापारी
व्यापार संगठन लॉकडाउन से बंद चल रहे खुदरा व्यापार के व्यापक हितों को देखते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए दरवाजे खोलने का विरोध कर रहे है। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ का कहना है कि खुदरा कारोबार पहले से चौपट है और इस निर्णय से फुटकर विक्रेताओं का धंधा पूरी तरह चौपट हो जाएगा। आदर्श व्यापार मंडल के राष्ट्रीय आह्वान पर जिलाध्यक्ष पंकज वर्मा सराफ और अन्य पदाधिकारियों ने इस प्रस्ताव के विरोध में शनिवार शाम चार बजे अपने घरों पर रहकर मुंह पर काली पट्टियां बांधी और सभी ने अपने फोटो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार तक भेजे। इसी तरह सेवा क्षेत्र में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर आदि को सेवाएं देने की छूट के प्रस्ताव पर इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज टंडन ने कहा कि इन सभी कामों में प्रयुक्त होने वाले सामान की बिक्री की सशर्त छूट भी मिलनी चाहिए।
20 अप्रैल तक समीक्षा के बाद शासन से अंतिम रिपोर्ट मिलने पर ही तय होगा कि किन क्षेत्रों में कितनी रियायत दी जा सकती है। जिले में पेपर मिल, पॉवर, फूड इंडस्ट्री को सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। बाजार में किराना, मिल्क बूथ, मेडिकल स्टोर खुलते रहेंगे, लेकिन अन्य व्यवसायों को कोई छूट नहीं मिलेगी। ऑटो सेक्टर भी बंद रहेगा क्योंकि उसे खोलने पर सड़कों पर वाहन एकाएक बढ़ जाएंगे और यह जनहित में नहीं होगा।
- इन्द्र विक्रम सिंह, डीएम