फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

65.94 लाख क्विंटल गन्ना की मिल्स पर चढ़ी देनदारी

Thu, 07 Jan 2016 08:59 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में चीनी मिलों द्वारा गन्ना पेराई शुरू किए एक माह बीतने के बावजूद अभी तक शासन द्वारा गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किए जाने से मिठास के मोल को लेकर असमंजस बना हुआ है। हाल यह है कि जिले की चीनी मिलों पर 65.94 लाख क्विंटल गन्ना की देनदारी चढ़ चुकी है, लेकिन अभी यही तय नहीं है कि चालू पेराई सीजन में मिलों को अभी तक दिए गए गन्ने का भुगतान पिछले रेट से किया जाएगा अथवा नए समर्थन मूल्य के आधार पर।
विज्ञापन

किसानों के लिए नगदी फसल में शुमार रही गन्ना उपज अब दांव लगाकर तकदीर आजमाने का साधन भर रह गई है। जिले के लगभग साढ़े चार लाख किसानों में अधिसंख्य काश्तकार हर साल इस उम्मीद से गन्ना बुवाई करते हैं कि पिछले साल की तरह इस बार सप्लाई पर्चियों से लेकर पेमेंट हासिल करने में दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद पिछले तीन पेराई सीजन से केवल भ्रम साबित हो रही है।
चालू सीजन की बात करें तो अब तक पांचों चीनी मिलें 65.94 लाख क्विंटल गन्ना खरीद कर 6.76 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी है। बीते पेराई सत्र के समर्थन मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चालू सीजन में खरीदे गए गन्ना की कीमत 1.84 अरब रुपये से अधिक हो गई है। मकसूदापुर स्थित बजाज ग्रुप की मिल पर 2.17 करोड़ रुपये और बिरला ग्रुप की रोजा शुगर वर्क्स पर 3.39 करोड़ रुपये पिछले पेराई सत्र का बकाया है। इन हालातों में किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि इस बार भी पेमेंट मिलने में देरी होने पर उन्हें अगली फसलों के लिए महाजनों से कर्ज लेना पड़ सकता है।
विज्ञापन

000
बीएम सिंह से जुड़ी किसानों की उम्मीद
पुवायां। वर्तमान सत्र में बेचे गए गन्ने का भुगतान नहीं मिलने से किसानों को तमाम तरह की समस्याएं उठानी पड़ रही हैं। किसानों के हक के लिए न्यायालय में याचिका दायर करने वाले किसान नेता बीएम सिंह ने भी इस बार गन्ना मूल्य के मुद्दे पर अभी तक कोर्ट की शरण नहीं ली है। इसके बावजूद किसानों की उम्मीदें उन्हीं से जुड़ी हैं।
इस बाबत बीएम सिंह का कहना है कि वह कोर्ट जाते थे तो उन पर आरोप लगता था कि मामला कोर्ट में होने के कारण मूल्य आदि निर्धारित करने में समस्या आ रही है। इसीलिए वह इस बार अभी तक कोर्ट नहीं गए। इसके बावजूद गन्ने का रेट तय नहीं हो सका है। इस मसले पर तमाम राजनीतिक दलों के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं।
0000
किसानों का नजरिया
बीएम सिंह निकालेंगे समस्या का समाधान
बीएम सिंह किसानों के मसीहा है। उनके प्रयास से तमाम बार किसान के घर का चूल्हा जल सका है। यदि वह प्रयास न करते तो किसानों को बीते वर्षों में उचित गन्ना मूल्य और अन्य लाभ नहीं मिल पाते। गन्ना मूल्य के मामले में भी वह कुछ न कुछ जरूर करेंगे।
-प्रभजोत सिंह, गांव पुनौती, खुटार
000
कड़वाहट में बदली गन्ना की मिठास
हम जैसे किसानों के लिए गन्ना की मिठास कड़वाहट में बदल गई है। कोई भी नेता-अधिकारी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। गन्ना भुगतान होता तो रबी फसलों पर लागत लगाने में कुछ सहूलियत हो जाती। साहूकारों का भारी कर्ज चढ़ गया है।
- वीरेंद्र यादव, किसान नेता, पुवायां
00
मिल वार क्रय गन्ना और उत्पादित चीनी क्विंटल में
------------------------------------------
मिल               क्रय गन्ना        चीनी उत्पादन रोजा शुगर वर्क्स   9.69 लाख          98156
तिलहर सहकारी मिल   5.62 लाख          45620
पुवायां सहकारी मिल    6.86 लाख          62970
डालमियां मिल निगोही  25.73 लाख        280900
मकसूदापुर बजाज मिल 18.04 लाख        188800
------------------------------------------
    योग                65.94 लाख       676446
0000000000000000000000000000000000
शासन के निर्देशानुसार कराएंगे भुगतान
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चालू पेराई सीजन में पिछले एक माह के दौरान मिलों को सप्लाई किए गए गन्ना का किसानों को भुगतान पिछले समर्थन मूल्य के आधार पर किया जाएगा अथवा नए समर्थन मूल्य के आधार पर। शासन से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उन्हीं के अनुरूप गन्ना किसानों को भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन

-बृजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें