विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को जिले की सभी छह सीटों पर शाम पांच बजे तक 62 प्रतिशत मतदान हुआ। कहासुनी और विवाद की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में हुआ। वोट डालने के लिए शहरी क्षेत्र के बूथों पर शुरुआती एक घंटे के बाद कतारें लगने लगीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर सुबह नौ बजे तक सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, बाद में कोहरा का असर कम होने और धूप निकलने के साथ देहात के बूथों पर भी पुरुषों-महिलाओं की कतारें दिखने लगीं। इस बीच, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतदान की स्थिति का जायजा लिया।
मॉक पोल से हुई मतदान प्रक्रिया की शुरुआत-भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान की अवधि सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित की थी। इससे पहले ईवीएम समेत मतदान प्रक्रिया की जांच के लिए सुबह छह बजे सभी बूथों पर पीठासीन अधिकारियों ने प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट से मॉक पोल कराया। इसके तहत ईवीएम से 50 वोट डालकर मतदान अभिकर्ताओं को सुनिश्चित कराया गया कि ईवीएम सही काम कर रही हैं। लोगों में मताधिकार के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने को आयोग की स्वीप योजना के तहत चलाए गए जागरूकता अभियान का असर शहर के तमाम बूथों पर सुबह से दिखने लगा। साढ़े सात बजे तक मोहल्ला मदराखेल स्थित मलिक मांटेसरी स्कूल के दोनों बूथों समेत महमंद जंगला स्कूल, जनता इंटर कॉलेज आदि बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगने लगीं।
ठंड के असर से शुरू में धीमा रहा मतदान-शहरी क्षेत्र के विपरीत देहात के बूथों पर ठंड की वजह से शुरुआती तीन घंटे तक मतदान काफी कम हुआ। सुबह दस बजे तक ददरौल विधानसभा क्षेत्र में पिपरौला से लेकर कांट तक रास्ते में रोड के किनारे पड़ने वाले गांवों के बूथ सूने पड़े दिखाई दिए। यही स्थिति जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में रही। वहां नगर क्षेत्र के बूथों पर मतदाताओं की संख्या बढ़ी, लेकिन कोला मोड़ से लेकर जरियनपुर और कलान तक के ग्रामीण बूथों पर दोपहर तक पंचायत चुनाव जैसी लाइनें नदारद रहीं। डीएम और एसपी भ्रमण करते हुए सुबह साढ़े सात बजे कलान पहुंचे, तब तक कोहरा और धुंध का असर बरकरार रहा। अधिकारी भी मानते हैं कि सर्दी होने से मतदाता सुबह देर से निकले।
धूप निकली तो आई मतदान में तेजी-कोहरा और धुंध छंटने के साथ धूप में तेजी आई तो मतदान में भी तेजी आने लगी। दोपहर 12.30 बजे तक तिलहर नगर पालिका परिषद के बूथ संख्या 50 पर 1333 के सापेक्ष 425, बूथ संख्या 51 पर 893 के सापेक्ष 279 और बूथ संख्या 52 पर 758 के सापेक्ष 178 वोट पड़ चुके थे। तिलहर विधानसभा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक रटा मतदान केंद्र के बूथ संख्या 220 पर दोपहर एक बजे तक 765 में से 320 मतदाता वोट डाल चुके थे, लेकिन बूथ के बाहर महिलाओं की कतार बरकरार रही। इसी क्षेत्र के नवदिया, बिरसिंहपुर और डंडिया बाजार में चुनाव का कोई उल्लास नजर नहीं आया, लेकिन जहानपुर के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दोपहर दो बजे पुरुषों-महिलाओं की दोहरी कतारें लग गईं। वहां के बूथ संख्या 188 पर कुल 1354 मतदाताओं में से 491 मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर अफसरों की रही नजर-प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मतदान के दौरान जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पैनी निगाह रखी। डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह ने सबसे पहले कलान का दौरा कर बदायूं, फर्रुखाबाद, उसावां बार्डर के बैरियरोें पर जाकर वहां सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को बाहर से आने वाले वाहनों को ठीक से चेक करके ही जिले की सीमा में आने देने के निर्देश दिए। दोनों अफसरों ने मिर्जापुर, ढाईघाट, हरदोई बार्डर के बैरियर भी चेक किए। बाद में दोनों अधिकारियों ने कटरा विधानसभा क्षेत्र को मूव किया। वहां थाना परिसर में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के बाद दोनों अधिकारियों ने तिलहर, निगोही, पुवायां होते हुए खुटार जाकर वहां के सीमावर्ती बूथ चेक किए। इस बीच, मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबु, एडीएम जितेंद्र कुमार शर्मा, एएसपी कमल किशोर व रमेश कुमार भारतीय, सभी एसडीएम और सीओ भी संबंधित क्षेत्रों में भ्रमणशील बने रहे।