शाहजहांपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की यूपी बोर्ड परीक्षा सही मायने में मंगलवार से ही शुरू हुई। दोनों पालियों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अनिवार्य विषय हिंदी की परीक्षा हुई। फिलहाल जिले के केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वाह्य सचल दल के रूप में लखनऊ से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के डिप्टी डायरेक्टर ने तहसील सदर और तिलहर क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्था का जायजा लेते हुए संतोष जताया। वहीं, बरेली से कमिश्नर और डीआईजी ने भी डीएम-एसपी के साथ बोर्ड परीक्षा का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को परखा। कहीं से भी किसी नकलची के पकड़े जाने की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासनिक और विभागीय सख्ती के चलते सुबह की पाली यानि हाई स्कूल के पांच हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा छोड़ गए।
सात फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी और इंटर का बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार (वाणिज्य) का पेपर था। हाईस्कूल में कुल 42,899 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें परीक्षा में 37,502 शामिल हुए और 5397 अनुपस्थित हो गए। इसी तरह इंटर में 339 पंजीकृत थे, जिसमें 322 ने परीक्षा दी और 17 अनुपस्थित हो गए। द्वितीय पाली में भी इंटर सामान्य हिंदी की परीक्षा थी। नकलचियों पर नजर रखने के लिए गठित किए गए पांचों सचल दल जिले की अलग-अलग तहसीलों में भ्रमण पर रहे और सुरक्षा समेत परीक्षा की अन्य व्यवस्था पर कड़ी नजर रखे रहे। सख्ती के चलते कहीं से भी कोई नकलची नहीं पकड़ा जा सका।
डीआईओएस रवि दत्त दलबल के साथ नकल के लिए कुख्यात कलान-मिर्जापुर क्षेत्र में सुबह से ही डेरा जमाए रहे। वहीं, डीएम-एसपी ने भी इसी क्षेत्र में परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया और केंद्र की व्यवस्था और उनके द्वारा केंद्रों पर नियुक्त किए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट को पूरी मुस्तैदी के साथ परीक्षा कराने के निर्देश दिए। उधर, डीआईजी और कमिश्नर ने भी द्वितीय पाली में कलान-मिर्जापुर क्षेत्र का भ्रमण कर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सभी केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात रहा।
लखनऊ से डिप्टी डायरेक्टर ने किया भ्रमण
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के उप निदेशक हरवंश सिंह ने लखनऊ से अपनी टीम के साथ तहसील सदर और तिलहर के कई परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्था देखी और जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी। डिप्टी डायरेक्टर हरवंश सिंह ने जीआईसी प्रधानाचार्य रणवीर सिंह की टीम के साथ परीक्षा केंद्र देखेे और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।
छात्रा के काम आई डीआईओएस की मानवता
डीआईओएस रवि दत्त ने पिछले कई दिनों से मोबाइल पर तैर रहे एक एसएमएस को गंभीरता लेते हुए मानवता का परिचय दिया। हुआ यूंकि मंगलवार को द्वितीय पाली में डीआईओएस जीआईसी कलान में थे, परीक्षा शुरू होने वाली थी, एक परीक्षार्थी (छात्रा) वहां पहुंच गई। वहां छात्रा को बताया गया कि उसका सेंटर तो रामलाल इंटर कॉलेज हरसीपुर मिर्जापुर में है। छात्रा के हाथ-पांव फूल गए। डीआईओएस ने तत्काल समय बर्बाद किए बगैर उस छात्रा को अपनी गाड़ी से कई किलोमीटर दूर बने केंद्र तक छात्रा को पहुंचाया, जिससे उसकी परीक्षा छूटने से बच गई। डीआईओएस रवि दत्त ने कहा कि यह उनका नैतिक दायित्व था, जो उन्होंने निभाया।