छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इतना ही नहीं, यह दिन रूप चतुर्दशी के रूप में भी जाना जाता है। नरक चतुर्दशी पर चौक क्षेत्र स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने प्रसाद अर्पित कर मनौती मांगी।
इस दिन लोग रामभक्त हनुमान की मूर्तियों पर वंदन और देशी घी का चोला चढ़ाते हैं और प्रसाद अर्पित कर उनसे सुख-संपन्नता और स्वास्थ्य की कामना करते हैं। हनुमान जयंती और छोटी दिवाली पर शहर में मंदिरों, घरों और प्रतिष्ठानों पर श्रीराम चरित मानस का पाठ भी किया गया। चौक स्थित मां फूलमती मंदिर परिसर स्थित दक्षिणमुखी प्राचीन हनुमान मंदिर में दो दिवसीय अनुष्ठान आयोजित किया गया। सोमवार को पुजारी चंदन शेखर त्रिपाठी और चंद्रशेखर त्रिपाठी ने सुबह पूजन कर श्रीराम चरित मानस का पाठ आरंभ कराया। मंगलवार को दोपहर श्री अखंड पाठ के समापन के बाद पंडित सत्य प्रकाश मिश्रा, श्रवण कुमार पांडेय, प्रभात मिश्रा, अमित कुमार पांडेय आदि ने मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन कराया।
इससे पूर्व अभिषेक त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी आदि ने सिद्धपीठ पर स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा पर चोला चढ़ाकर भोग लगाया और आरती की। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर में नियमित हनुमान जी के दर्शन करने से समस्त प्रकार की व्याधियां दूर हो जाती हैं। अनुष्ठान में स्नेहलता त्रिपाठी, ईशा त्रिपाठी, राजीव अवस्थी, रमेश शुक्ला, दिवाकर मिश्रा आदि का योगदान रहा।