डिरेल होने से बाल-बाल बची सियालदाह एक्सप्रेस
पीतांबरपुर के पास ट्रेन से टकराया था पशुओं का झुंड
लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/रोजा।
कोलकाता से जम्मू जा रही अप सियालदाह एक्सप्रेस रविवार रात डिरेल होते-होते बच गई। लोको पायलट की सूझबूझ काम आई। पायलट ने समय रहते ट्रेन को इस तरह से स्टॉप किया कि कोई अनहोनी नहीं हुई। इस दौरान ट्रेन करीब एक घंटे तक मौके पर खड़ी रही। जबरदस्त हादसे के बाद कई पशुओं के चीथड़े रेल ट्रैक पर यहां-वहां फैल गए। इंजन में भी फंस गए। हादसे में आधा दर्जन पशुओं की मौत हो गई।
रविवार को अप लाइन पर साढ़े चार घंटे का ब्लॉक था। ब्लॉक में अप-13151 सियालदाह एक्सप्रेस भी रोजा में खड़ी रही थी। इससे चलते ट्रेन पहले से लेट हो गई थी। शाम साढ़े पांच बजे ब्लॉक खत्म होने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया। शनिवार रात करीब 7:45 बजे सियालदाह एक्सप्रेस बरेली से पहले पीतांबरपुर स्टेशन पर पहुंचने वाली थी। ट्रेन पूरी रफ्तार पर थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर रेल ट्रैक पर घूम रहे सैकड़ों घूमंतु गायों के झुंड पर गई। नजर पड़ते ही पायलट ने ट्रेन की रफ्तार कम करनी शुरू कर दी। हालांकि, जब तक ट्रेन ने ठहराव लिया, घूमंतु गायों का झुंड इंजन से टकरा गया। इसमें करीब आधा दर्जन गायों की मौत हो गई। इमरजेंसी ब्रेक की वजह से यात्रियों को भी झटका लगा। लोको पायलट ने ट्रेन कंट्रोल को सूचना दी।
रेलवे की गैंग ने मौके पर पुहंच कर ट्रैक साफ किया। करीब ट्रैक क्लियर करने और इंजन की जांच में करीब एक घंटा लग गया। इसके बाद ट्रेन को यहां से रवाना किया गया। गनीमत रही कि हादसे में इंजन को नुकसान नहीं पहुंचा। अगर ट्रेन पूरी रफ्तार पर होती तो इंजन डिरेल होने से बड़ा रेल हादसा भी हो सकता था।