फोटो-21,नवदिया बंकी जंगल में भ्रमण करते डीएफओ।
फोटो-22,बाघ के हमले में मृत लक्ष्मण प्रसाद की पत्नी गीता देवी को 10 हजार रुपये की सहायता देते डीएफओ।
लक्ष्मण की पत्नी गीता को दी 10 हजार की मदद
डीएफओ ने किया नवदिया बंकी जंगल का भ्रमण
वनकर्मियों से जानी बाघ की लोकेशन, सतर्क रहने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा। डीएफओ गोपाल ओझा ने रविवार को नवदिया बंकी जंगल का भ्रमण किया और बाघ की लोकेशन जानने में जुटी टीमों से जानकारी ली। उन्होंने बाघ के हमले में मृत लक्ष्मण प्रसाद की पत्नी गीता देवी को दस हजार रुपये की मदद भी दी।
गौरतलब है कि 24 सितंबर की रात बाघ ने खुटार रेंज के नवदिया बंकी जंगल में पीलीभीत जनपद के थाना पूरनपुर के गांव सिमराया निवासी 24 वर्षीय लक्ष्मण प्रसाद को मार डाला था। मामले की जानकारी पाकर डीएफओ गोपाल ओझा ने रेंजर रणवीर मिश्रा के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया था। इन टीमों को आठ आठ घंटे तक बाघ की निगरानी और जंगल में लोगों का आवागमन रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन टीमें जंगल न जाकर गांवों में आराम फरमा रही थीं। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में उक्त मामले को प्रमुखता से उठाया था तो डीएफओ ने वनकर्मियों की कड़ी फटकार लगाई थी।
रविवार को डीएफओ वन विभाग की टूटा पुल घुंघचिहाई चौकी पर लक्ष्मण प्रसाद की पत्नी गीता से मिले और उसे दस हजार रुपसे की सहायता प्रदान की। इसके बाद डीएफओ ने जंगल में जाकर टीम से बाघ की लोकेशन ली। पीलीभीत की दिउरिया रेंज के रेंजर जीपी पांडेय ने बताया कि बाघ की लोकेशन लेने के लिए चार कैमरे पीलीाीत रेंज में और दो कैमरे नवदिया बंकी क्षेत्र में लगाए गए हैं। मौके पर टीम के प्रभारी रामेश्वर दयाल, सुरेंद्रपाल गौतम, संजीव कुमार, हीरालाल, संदीप यादव आदि रहे।
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पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग
बंडा। लक्ष्मण प्रसाद की पत्नी गीता देवी ने डीएफओ से पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। गीता देवी ने बताया कि पति की मेहनत मजदूरी से ही उसकी गुजर होती थी। पति की मौत के बाद उसके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। डीएफओ ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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जंगल में नहीं जाने की अपील
बंडा। वन विभाग के कर्मचारियों ने जंगल से सटे गांवों में प्रसारण कराते हुए लोगों से जंगल में नहीं जाने की अपील की है। गांव अख्तियारपुर, भांभी, कमालपुर, बरीबरा, फुगनिहाई, गहलुइया, नवदिया बंकी, समराया में रविवार को प्रसारण कराया गया। लोगों से जंगल किनारे खेतों में भी जाते समय सतर्कता बरतने की अपील की गई है और बाघ देखे जाने पर वनकर्मियों के मोबाइल पर सूचना देने की अपील की गई।