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कोर्ट में पेश नहीं हुए चिन्मयानंद, अगली तारीख तय

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कोर्ट में पेश नहीं हुए चिन्मयानंद, अगली तारीख तय
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बलात्कार के मामले में जारी किया गया था जमानती वारंट
बचाव पक्ष के वकील ने की कार्रवाई स्थगित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। शिष्या से दुष्कर्म मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने इसके चलते अगली तारीख 12 सितंबर तय कर दी है। हालांकि, चिन्मयानंद के वकील की ओर से प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट से जमानती वारंट मामले में कार्रवाई स्थगित करने की मांग की गई, लेकिन सीजेएम ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई से इंकार कर दिया।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद की एक शिष्या ने उन पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए नवंबर 2011 में में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा था। दिसंबर 2017 में यह स्टे खारिज हो गया था। यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने धारा 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत वापस लेने को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। सरकार के इस कदम पर पीड़ित पक्ष की ओर से इस पर आपत्ति की गई। कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को लिखित में आपत्ति दाखिल कराने का आदेश दिया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता मुकेश गुप्ता कोर्ट में पेश होकर लिखित आपत्ति दाखिल की थी। आपत्ति पर सुनवाई के बाद सीजेएम शिखा प्रधान ने चिन्मयानंद के खिलाफ पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करते हुए उनको 12 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
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बृहस्पतिवार को चिन्मयानंद कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके वकील ओम सिंह की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया कि केस वापसी संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज करने का मामला हाईकोर्ट में है। ऐसे में वारंट संबंधी कार्रवाई को स्थगित किया जाना चाहिए। सीजेएम ने इस प्रार्थना पत्र पर विचार से इंकार कर दिया। साथ ही चिन्मयानंद को लेकर 24 मई को जमानती वारंट संबंधी आदेश बरकरार रखा है। सुनवाई के लिए अब 12 सितंबर मुकर्रर की है।
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सुरक्षित है पत्रावली, आग से नहीं पहुंचा नुकसान
पिछले सप्ताह सीजेएम दफ्तर में हुए अग्निकांड मामले में तमाम पत्रावलियों को नुकसान पहुंचा था। यह भी कहा जा रहा था कि अग्निकांड में चिन्मयानंद संबंधी पत्रावली भी जली है। इस मामले में जांच हाईकोर्ट स्तर की कमेटी कर रही है। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान यह साफ हो गया कि चिन्मयानंद मामले संबंधी पत्रावली सुरक्षित है।
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