हत्या के मुकदमे में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
एक -एक लाख रुपये के जुर्माने से भी किया गया दंडित
2014 में लोहे की सरिया से प्रहार कर की गई थी जितेंद्र की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) फराह मतलूब ने हत्या के एक मामले में दो सगे भाइयों पर आरोप सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा सुनाते हुए एक-एक लाख रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है।
हत्या की यह वारदात थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव दमगड़ा में वर्ष 2014 में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव दमगड़ा निवासी वादी कड्डे लाल कश्यप के भाई राजेंद्र कश्यप तीन अगस्त 2014 को बुधवाना की बाजार से लौटने के दौरान जैतीपुर क्षेत्र के गांव कोटा चले गए। वहां उसकी गांव के सन्ने उर्फ सरने उर्फ सन्नू से मुलाकात हुई। वहीं जितेंद्र व सन्नू के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों लोग गांव दमगड़ा के लिए चल दिए। रास्ते में रामलाल के खेत के पास आरोपी सन्नू ने जितेंद्र पर लोहे की सरिया से हमला कर दिया। इससे घायल होने के बाद उसने दम तोड़ दिया। कड्डेलाल कश्यप ने पुलिस को बताया कि उसके भाई की हत्या में सन्नू के भाई श्रीराम की भी मिलीभगत थी। उसी के इशारे पर सन्नू ने जितेंद्र की हत्या कर दी। कड्डे लाल कश्यप की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। इसमें आरोपी सन्ने उर्फ सरनू उर्फ सन्नू व उसके भाई श्रीराम के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अपर सत्र न्यायाधीश ने सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से छह गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से से प्रस्तुत साक्ष्यों व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी सन्ने उर्फ सरनू उर्फ सन्नू व श्रीराम दोनों सगे भाइयों को हत्या करने का दोषी पाते हुए उम्र कैद व एक-एक लाख रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। इसके साथ ही जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये मृतक राजेंद्र के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आदेश दिया है।