शाहजहांपुर। गांधी फैज ए आम कॉलेज में दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लतीफ हुसैन शाह काजमी ने ‘वर्तमान शिक्षा एवं मानवीय मूल्य’ पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इससे पहले पुलवामा में शहीद हुए जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया और कार्यक्रम को थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दिया गया।
प्रोफेसर काजमी ने कहा जब हम शिक्षा की बात करते हैं तो सामान्य अर्थों में यह समझा जाता है कि इसमें हमें वस्तुगत ज्ञान प्राप्त होता है और जिसके बल पर कोई रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। किंतु शिक्षा का मतलब सिर्फ रोजगार प्राप्त करना या डिग्रियां इकट्ठा करना नहीं है। अगर हमारी शिक्षा मानवीय मूल्यों से नहीं जुड़ी है, तो वह अर्थहीन है। हम देखते हैं कि मूल्यों में ह्रास होने से समाज में हर प्रकार के अपराध बढ़ रहे हैं। मूल्य विहीन समाज में असंतोष फैल रहा है। बेकारी के बढ़ने से युवकों में असंतोष जैसी कई प्रकार की चुनौतियाँ खड़ी दिखाई देती हैं। छोटे से बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार के अंधकूप में डुबकियां लगा रहे हैं, उन्हें समाज या राष्ट्र की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमें नफरतें नहीं, प्यार बांटना चाहिए। प्यार बांटने से दुनिया और सुंदर हो जाएगी। हर आदमी अपने आप में एक पूरी दुनिया है। अगर वह ख़ुद को बदलना और बेहतर बनाना चाहे तो पूरी दुनिया बदल सकती है।
कार्यक्रम का आरंभ वकील अहमद द्वारा तिलावते कुरान से हुआ। प्राचार्य प्रो. जमील अहमद ने कहा कि आज हमारे समाज में तमाम चुनौतियां सामने हैं। मूल्य परक शिक्षा ही के माध्यम से ही उनका समाधान खोजा जा सकता है। इस मौके पर दर्शनशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. मंसूर अहमद सिद्दीकी, डॉ. एनयू खान, डॉ. अब्दुल मोमिन, डॉ. नईमुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. मोहम्मद तैयब, डॉ. खलील अहमद, डॉ. युक्ति माथुर, डॉ. मुसव्विर रिजवी, डॉ. जीए कादरी, डॉ. सुहेल नकवी, डॉ. एसएस पांडे आदि मौजूद रहे।