शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि देश के युवा धैर्य और अनुशासन के साथ अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र की परंपरा और विरासत को बचाए रखते हुए देश को नई ऊंचाइयां देने के लिए करें। वह रविवार को स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में आयोजित मुमुक्ष युवा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आजादी के लिए कुर्बानियां देने वाले अमर शहीद पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह समेत विश्व की अनेक विभूतियों की युवावस्था में हासिल की गईं उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा को लोक कल्याण का माध्यम बनाकर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गईं अनेक योजनाओं को युवा कल्याण की दिशा में उठाया गया सार्थक कदम बताते हुए विभिन्न योजनाओं से युवाओं को लाभान्वित किया। सीएम ने शहीद ठा. रोशन सिंह के गांव नवादा दरोबस्त को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने के लिए पक्का पुल बनाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 80 करोड़ युवा बेरोजगार नहीं वरन राष्ट्र की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं। शहीदों ने जन्म तो इस धरती पर लिया, परंतु राष्ट्र की अस्मिता बचाने के लिए कम उम्र में काकोरी कांड के नायक बने। यह उम्र ऐसी है कि चाहें तो देश को अनंत ऊंचाइयां दे सकते हैं और जरा सा फिसले तो उनकी यही ऊर्जा विनाशकारी सिद्ध हो सकती है। युवा अपनी शक्ति का उपयोग परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाने में करें, क्योंकि परंपरा आगे बढ़ती है तो लोक कल्याण की भावना रखने वाले संतों का मार्गदर्शन मिलता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को अनुशासन से जोड़कर उन्हें रचनात्मक दिशा देने की जरूरत है। भगवान श्रीराम ने राष्ट्र और धर्म की स्थापना के लिए लंका पर युवावस्था में चढ़ाई की। श्री कृष्ण की अधिकांश लीलाएं बचपन और युवावस्था से जुड़ी हैं। लुई ब्रेल ने 15 वर्ष की आयु में ब्रेल लिपि का आविष्कार किया और स्वामी विवेकानंद ने 39 वर्ष के जीवन में भारत की परंपरा और विरासत को विश्व मंच पर प्रतिष्ठापित किया। सुदूर दक्षिण के केरल से निकले आदि शंकराचार्य ने भी युवावस्था में देश की सभी दिशाओं मेें धर्म पीठों की स्थापना कर तमाम जातियों और भाषाओं वाले भारत को एक सांस्कृतिक इकाई बनाया। इसीलिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देने वाली अनेक योजनाएं आरंभ की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्ट अप, स्टैंड अप, डिजिटल इंडिया, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रॉडक्ट, स्किल डपलपमेंट, मुद्रा योजना आदि योजनाएं युवाओं की ऊर्जा को सार्थक दिशा देने के लिए आरंभ की गई हैं। नौकरी के पीछे भागने के बजाय हुनर विकसित कर खुद अपना काम करने को लालायित युवाओं के लिए यह योजनाएं उन्हेें आत्मनिर्भर बनाने के साथ देश को भी आर्थिक रूप से समृद्धशाली बनाएंगी। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता और एसएस कॉलेज वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकलांगों को ट्राई साइकिलें भेंट कीं। इस अवसर पर श्री दैवी संपद् मंडल के महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद सरस्वती, स्वामी राजेश्वरानंद महाराज, स्वामी रामेश्वरानंद महाराज, स्वामी शरद गिरि, मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता/ कार्यक्रम के संयोजक स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कृष्णाराज, नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी आदि उपस्थित रहे। एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।