कृषि आय दोगुनी करने वाली योजना बनाएं
कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
नियामतपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में शनिवार को हुई वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में वार्षिक कार्य योजना की गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने कार्य योजना में उन सभी बिंदुओं को शामिल किए जाने पर जोर दिया, जिन पर क्रियान्वयन होने की दशा में केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों की कृषि से होने वाली आय में दोगुना बढ़ोत्तरी की जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एलबी सिंह ने केंद्र की वर्ष 2017-18 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ आगामी वित्त वर्ष 2018-19 में प्रस्तावित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेरठ से आए सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. एसके सचान ने अब तक की कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुुए कहा कि कार्ययोजना में खाद्य प्रसंस्करण के प्रशिक्षण और प्रदर्शन भी शामिल करें, जिससे किसानों का इस ओर रुझान बढ़े और अतिरिक्त कृषि पैदावार का दुरुपयोग होने से रोका जा सके।
निदेशक डॉ. सचान ने कहा कि जैविक कीटनाशकों और फफूंद नाशकों के प्रयोग को बढ़ावा देने से कृषि लागत घटेगी और इसका प्रत्यक्ष लाभ किसान भाइयों को मिलेगा। मेरठ के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके चौधरी ने गन्ना के साथ सब्जियों की पैदावार के लाभ का डाटाबेस तैयार कर उसे किसानों के समक्ष रखे जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती में इस्तेमाल नहीं होने वाली जमीन पर भारत सरकार बांस की खेती पर इसीलिए जोर दे रही है कि किसानों की आय बढ़ सके। उप कृषि निदेशक डॉ. आरबी सिंह ने कहा कि कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के सामूहिक प्रयास कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे।
इसी अवसर पर मेरठ कृृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. हरिओम कटियार ने किसानों को प्रति इकाई अधिक लाभ देने के लिए सब्जियों के साथ फूलों की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देेने के लिए पशु स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन से संबंधित विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिक भी योगदान करें। केंद्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, सहायक निदेशक मत्स्य आरपी भारती, गन्ना शोध परिषद के संयुक्त निदेशक डॉ. अतुल सिंह, गन्ना विभाग के प्रतिनिधि विजय पाल ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से कृषि आय बढ़ाने को सुझाव दिए। प्रगतिशील किसान जागेश्वर दयाल पांडेय ने गन्ना के साथ धनियां, सौंफ की फसल से मिले लाभ का विवरण दिया। महिला किसान लीलावती ने महिलाओं को किचन गार्डन का महत्व बताए जाने पर जोर दिया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रपाल गुप्ता के संचालन में हुई समीक्षा बैठक में कृषि वैज्ञानिक/ पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. नूतन वर्मा, डॉ. टीबी यादव, डॉ. संतोष वर्मा, विद्या गुप्ता आदि ने अपने अनुभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुुत की। व्यवस्था में डॉ. एमके मिश्रा, पुष्पराज आदि का सहयोग रहा।