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किसी ने मांगा कंघा, घड़ी तो किसी ने रिक्शा

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election - फोटो : amar ujala
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प्रत्याशियों ने भरे चुनाव चिह्न के विकल्प
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निर्वाचन आयोग ने जारी किए 261 सिंबल

स्थानीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब उन सभी प्रत्याशियों में मनचाहे चुनाव चिह्न को लेकर आपाधापी शुरू हो गई है, जिनके नाम निर्देशन पत्र जांच में सही पाए जाने पर स्वीकृत हो चुके हैं। दलीय उम्मीदवार अपनी पार्टियों के सिंबल को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हैं, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों में ऐसे चुनाव चिह्न हासिल करने की होड़ है, जो मतदाताओं को आकर्षित कर सकें। एक निर्दलीय उम्मीदवार ने कंघा मांगा तो अन्य उम्मीदवारों में घड़ी, रिक्शा आदि को लेकर रुझान रहा। दरअसल, पिछले निकाय चुनावों में यह सिंबल कई उम्मीदवारों के लिए लकी साबित हो चुके हैं। इसके अलावा, पंखा, मोटर कार आदि सिंबल भी डिमांड में रहे।
जिले में कुल दस नगर निकाय हैं। चारों नगरपालिका परिषदों और सभी छह नगर पंचायतों से अध्यक्ष पद के 104 और वार्ड सदस्य पद के लिए 1415 नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए हैं। हालांकि, जांच मेें स्वीकृत नामांकन पत्रों की संख्या प्रत्याशियों से अधिक हो सकती है क्योंकि तमाम उम्मीदवारों ने नाम निर्देशन पत्रों के तीन से चार सेट जमा किए हैं। इनकी छंटनी शुक्रवार को नाम वापसी प्रक्र्रिया पूरी होने पर होगी।
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इस बीच, आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के प्रत्याशियों के लिए 261 चुनाव चिह्न स्वीकृत किए हैं। इनमें राष्ट्रीय पार्टियों और मान्यता प्राप्त दलों के 18 पूर्व निर्धारित चुनाव चिह्न शामिल किए गए हैं। निर्दलीय समेत अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के चयन के लिए 243 चुनाव चिह्नों की तीन बंच शीट जारी की हैं। आयोग से जारी विकल्प पत्र प्रत्याशियों को दिए जाने पर उन्होंने वरीयता क्रम में चार-चार चुनाव चिह्न भरकर जमा किए।
चुनाव चिह्न के चयन को लेकर तमाम निर्दलीयों और उनके प्रस्तावकों में ऊहापोह की स्थिति रही। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी/प्रभारी पंचस्थानीय चुनावालय सरोज कुमार के अनुसार शुक्रवार को नाम वापसी के बाद शनिवार को उम्मीदवारों को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे।

चुनाव खर्च के लिए खोलना होगा अलग खाता
शाहजहांपुर। स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव व्यय का अलग लेखा-जोखा रखने के साथ बैंक में विशेष खाता खोलना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसी आशय का सर्कुलर भेजा है। आयोग के निर्देशानुसार नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी छह लाख रुपये और वार्ड सदस्य पद के उम्मीदवार 1.50 लाख रुपये व्यय कर सकेंगे। नगर पंचायतों में अध्यक्ष व वार्ड सदस्य पद के उम्मीदवारों की चुनाव खर्च सीमा क्रमश: 1.50 लाख रुपये और 30 हजार रुपये तय की गई है।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम सर्वेश कुमार ने बताया कि निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर आयोग के स्तर से प्रत्याशियों को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचन व्यय का दैनिक लेखा-जोखा प्रत्याशी इसी रजिस्टर पर दर्ज कराएंगे। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा अधिकतम व्यय सीमा का उल्लंघन किया जाता है तो इसकी सूचना जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से आयोग को भेजी जाएगी। यही कमेटी व्ययय होने वाली सामग्री की दरें निर्धारित करेगी। निर्वाचन के बाद रजिस्टर का परीक्षण किया जाएगा। व्यय रजिस्टर सही रखने के लिए यदि प्रत्याशी चाहेें तो चार्टर्ड एकाउंटेंट की सेवाएं ले सकते हैं।
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