मंगलवार की रात जैसे ही प्रधानमंत्री ने पांच सौ और हजार की नोट बंद करने की घोषणा की, वैसे ही बाजार में हलचल पैदा हो गई। बुधवार को बाजार में इसका जबरदस्त असर देखने को मिला। आम आदमी अपनी दो-चार पांच सौ की नोट को ठिकाने लगाने को बाजार में भटकता रहा। लेकिन हर किसी ने उससे दूरी बनाई। पेट्रोल पंपों पर जबरदस्त भीड़ रही। लेकिन वहां भी पांच सौ हजार का ही तेल भराना पड़ा। बड़े नोटों से बचने के चक्कर में दुकानदारी पर भी काफी असर पड़ा। खुदरा बाजार के साथ बड़े प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहकों का टोटा रहा। दिनभर बंद नोटों पर चर्चा होती रही। सभी ने सरकार के इस कदम की सराहना की। लेकिन इतना जरूर कहा कि दो चार दिन का मौका मिल जाता तो दिक्कत न होती।
सोने के भाव में आया उछाल
सदर बाजार के सर्राफा व्यवसायी विनीत सर्राफ बताते हैं कि दुकानदान इतना कन्फ्यूज्ड है, कि उसकी समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करे। हालांकि जिन इक्का-दुक्का लोगों ने खरीददारी जरूरी समझी उन्होंने सौ रुपये के नोट अथवा चेक से ही पेमेंट किया। दिल्ली में तो सोने का भाव 55 हजार रुपये तक पहुंच गया और लोगों ने अपने पैसों का इन्वेस्ट करने के लिए ऐसा किया। दुकानदारों ने भी काफी रिस्क लिया। शहर में सोने का भाव लगभग इकतीस हजार तक रहा।
कोषागार से लौटे, नहीं हुई बैनामा
पुवायां। कोषागार में भी एक हजार और पांच सौ का नोट नहीं लिया गया, जिससे बैनामा कराने आए लोगों को स्टांप नहीं मिल सके और उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार के नोट लिए गए, लेकिन कम कीमत की दवा लिए जाने पर खुले रुपये नहीं होने पर दुकानदारों को बड़ी समस्या हुई। इस दौरान लोगों ने परेशानी उठाकर भी मोदी के कदम को सराहना की।
खुदरा व्यापार पर संकट
तिलहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्लैक मनी को रोकने के उद्देश्य से उठाए गए 500 व 1000 के नोटो को बंद किए जाने को लेकर बुधवार को खुरदा बाजार में अफरातफरी का माहौल रहा। खासकर छोटे व्यापारियों को पैसों के लेन-देन में दिक्कत हुई। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही खासी भीड़ रही। उधर गल्ला मंडी में व्यापारी खासे से परेशान रहे। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि आज लेन-देन में बहुत परेशानी रही, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ा। इसके अलावा सेहरामऊ दक्षिणी, सिंधौली, मुड़िया पवार, भावलखेड़ा आदि क्षेत्र में भी रुपये बंद होने से लोग काफी परेशान दिखे।
सवारी और टेपों चालक भिड़े
पुवायां। खुटार से एक यात्रा टेपों से पुवायां आया। उसने चालक को दस दस के दो सिक्के किराए के रूप में दिए। टेंपो चालक ने सिक्के लेने से इंकार कर दिया तो यात्री ने पांच सौ का नोट दिया। चालक ने नोट लेने से मना कर दिया तो यात्री ने एक हजार का नोट बढ़ा दिया। इस पर यात्री और चालक में जमकर तकरार हुई। यात्री और चालक थाने पहुंचे तो पुलिस ने चालक को फटकार लगाते हुए दस के सिक्के लेने को कहा। चालक सिक्के लेकर चला गया।
खुलने के बावजूद बंद जैसे रहे शोरूम
सुमित्रा डीएस मोटर्स और सुमित्रा पेट्रोल पंप के स्वामी जगजीत सिंह माटा का कहना है कि प्रधानमंत्री की स्कीम तो बहुत अच्छी है, लेकिन समय उचित नहीं है। बड़े नोट बंद होने के बाद उनका शोरूम खुलने के बावजूद बंद होने जैसा ही रहा। कीमती आइटम के लिए छोटे नोट कोई नहीं लाता और छोटे नोट लोगों के पास हैं भी नहीं। दुकानदार बड़े नोट लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
प्रधानमंत्री का निर्णय ऐतिहासिक, धैर्य रखें लोग
आईआईए के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बड़े नोट बंद किए जाने का खुले दिल से स्वागत किया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के इस अभूतपूर्व कदम से काला बाजारी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। यह ऐतिहासिक कदम है, इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि कोई भी नया काम शुरू किया जाता है उसमें दिक्कत तो आती ही है, लेकिन बाद में उसका लाभ भी मिलता है।
पेट्रोलियम पदार्थ की बिक्री जारी रखें
जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रभा ने समस्त गैस एजेेंसियों और पेट्रोल पंप स्वामियों को निर्देश दिए हैं कि वह जनहित में ग्राहकों से पांच सौ और एक हजार के नोट लेकर डीजल-पेट्रोल और गैस की आपूर्ति करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार यह व्यवस्था 11 नवंबर की रात तक लागू रहेगी। जनता की असुविधा को दूर करने के लिए आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।फोटो- 03, 04, 05, 06, 07, 08, 09 और 19 एवं 20 में
500 और 1000 का नोट, न बाबा न
बड़े नोट बंद होने से दिनभर परेशान रहे लोग, धंधे पर असर, जगह-जगह चिकचिक
पंपों पर रोज के मुकाबले कई गुना बिका पेट्रोल-डीजल
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मंगलवार की रात जैसे ही प्रधानमंत्री ने पांच सौ और हजार की नोट बंद करने की घोषणा की, वैसे ही बाजार में हलचल पैदा हो गई। बुधवार को बाजार में इसका जबरदस्त असर देखने को मिला। आम आदमी अपनी दो-चार पांच सौ की नोट को ठिकाने लगाने को बाजार में भटकता रहा। लेकिन हर किसी ने उससे दूरी बनाई। पेट्रोल पंपों पर जबरदस्त भीड़ रही। लेकिन वहां भी पांच सौ हजार का ही तेल भराना पड़ा। बड़े नोटों से बचने के चक्कर में दुकानदारी पर भी काफी असर पड़ा। खुदरा बाजार के साथ बड़े प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहकों का टोटा रहा। दिनभर बंद नोटों पर चर्चा होती रही। सभी ने सरकार के इस कदम की सराहना की। लेकिन इतना जरूर कहा कि दो चार दिन का मौका मिल जाता तो दिक्कत न होती।
सोने के भाव में आया उछाल
सदर बाजार के सर्राफा व्यवसायी विनीत सर्राफ बताते हैं कि दुकानदान इतना कन्फ्यूज्ड है, कि उसकी समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करे। हालांकि जिन इक्का-दुक्का लोगों ने खरीददारी जरूरी समझी उन्होंने सौ रुपये के नोट अथवा चेक से ही पेमेंट किया। दिल्ली में तो सोने का भाव 55 हजार रुपये तक पहुंच गया और लोगों ने अपने पैसों का इन्वेस्ट करने के लिए ऐसा किया। दुकानदारों ने भी काफी रिस्क लिया। शहर में सोने का भाव लगभग इकतीस हजार तक रहा।
कोषागार से लौटे, नहीं हुई बैनामा
पुवायां। कोषागार में भी एक हजार और पांच सौ का नोट नहीं लिया गया, जिससे बैनामा कराने आए लोगों को स्टांप नहीं मिल सके और उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। दवा की दुकानों पर पांच सौ और हजार के नोट लिए गए, लेकिन कम कीमत की दवा लिए जाने पर खुले रुपये नहीं होने पर दुकानदारों को बड़ी समस्या हुई। इस दौरान लोगों ने परेशानी उठाकर भी मोदी के कदम को सराहना की।
खुदरा व्यापार पर संकट
तिलहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्लैक मनी को रोकने के उद्देश्य से उठाए गए 500 व 1000 के नोटो को बंद किए जाने को लेकर बुधवार को खुरदा बाजार में अफरातफरी का माहौल रहा। खासकर छोटे व्यापारियों को पैसों के लेन-देन में दिक्कत हुई। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही खासी भीड़ रही। उधर गल्ला मंडी में व्यापारी खासे से परेशान रहे। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि आज लेन-देन में बहुत परेशानी रही, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ा। इसके अलावा सेहरामऊ दक्षिणी, सिंधौली, मुड़िया पवार, भावलखेड़ा आदि क्षेत्र में भी रुपये बंद होने से लोग काफी परेशान दिखे।
सवारी और टेपों चालक भिड़े
पुवायां। खुटार से एक यात्रा टेपों से पुवायां आया। उसने चालक को दस दस के दो सिक्के किराए के रूप में दिए। टेंपो चालक ने सिक्के लेने से इंकार कर दिया तो यात्री ने पांच सौ का नोट दिया। चालक ने नोट लेने से मना कर दिया तो यात्री ने एक हजार का नोट बढ़ा दिया। इस पर यात्री और चालक में जमकर तकरार हुई। यात्री और चालक थाने पहुंचे तो पुलिस ने चालक को फटकार लगाते हुए दस के सिक्के लेने को कहा। चालक सिक्के लेकर चला गया।
पेट्रोलियम पदार्थ की बिक्री जारी रखें
जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रभा ने समस्त गैस एजेेंसियों और पेट्रोल पंप स्वामियों को निर्देश दिए हैं कि वह जनहित में ग्राहकों से पांच सौ और एक हजार के नोट लेकर डीजल-पेट्रोल और गैस की आपूर्ति करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार यह व्यवस्था 11 नवंबर की रात तक लागू रहेगी। जनता की असुविधा को दूर करने के लिए आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।