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धान खरीद घोटाला: चंद दिनों में क्रय केंद्रों ने कर डाली थी 50 प्रतिशत से ज्यादा खरीद

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शाहजहांपुर। दिवाली से पहले धान खरीद का प्रतिशत 15 के अंक को पार नहीं कर पा रहा था। मगर माफिया से सांठगांठ हुई तो करीब दस दिन में ही धान खरीद 58 प्रतिशत बढ़कर 73 पर पहुंच गई। वहीं, दूसरी ओर इस दौरान किसानों को धान में नमी की अधिकता बताकर क्रय केंद्रों से लौटाया जा रहा था और मजबूरन किसान अपना आढ़तों और राइस मिलों पर धान बेच रहे थे। अब धान खरीद में हुई धांधली का खेल उजागर हुआ अफसर बड़े घोटालेबाजों की गर्दन बचाने में जुटे हुए हैं। यही वजह है इस घोटाले को अंजाम देने वाले रसूखदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए शासन से जिले को 3.61 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। धान खरीद के लिए शुरुआत मेें विभिन्न एजेंसियों को 141 केंद्र आवंटित किए गए। बाद में इन्हें बढ़ाकर 171 कर दिया गया। मगर दिवाली तक धान में नमी की अधिकता बताकर केंद्र प्रभारियों ने किसानों को क्रय केंद्रों पर ठहरने नहीं दिया, जिसके चलते केंद्र सूने पड़े रहे। यही वजह थी कि इस अवधि मेें सरकारी खरीद 15 प्रतिशत तक सीमित रह गई और किसान आढ़तों एवं मिलों पर अपना धान बेच रहे थे। मगर दिवाली के बाद सिर्फ सप्ताह भर में 264899.90 टन सरकारी खरीद हो गई, जो कि लक्ष्य की तुलना में 73.39 प्रतिशत था।
मगर किसानों को यह सरकारी आंकड़े हजम नहीं हुए क्योंकि उन्होंने जो धान आढ़तों और राइस मिलों पर बेचा था। उसके भुगतान के मेसेज सरकारी क्रय केंद्र से मिल रहे थे। पुवायां के गांव बितौनी के प्रधान हरिनंदन मिश्रा ने अधिकारियों से शिकायत तो प्रभारी अधिकारी धान खरीद/एडीएम फाइनेंस अमरपाल सिंह ने एसडीएम सौरभ भट्ट को जांच सौंपी, लेकिन जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद शासन ने धान खरीद में धांधली की जांच कराई गई तो घोटाला उजागर हुआ। मगर इसमें भी अधिकारियों ने रसूखदारों को बचा दिया। कार्रवाई के नाम पर कमजोर कड़ी माने जाने वाले केंद्र प्रभारी को बलि का बकरा बनाया गया, लेकिन एक ही नाम से कई बैंकों में खाते खुलवाकर समर्थन मूल्य हड़पने वाले माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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क्रय एजेंसी वार धान खरीद (मीट्रिक टन में): दिवाली से पहले
क्रय एजेंसी खरीद
खाद्य विभाग 3133.700
पीसीएफ 3068.800
यूपी एग्रो 197.900
एसएफसी 942.830
कर्मचारी कल्याण निगम 1113.240
पीसीयू 1397.960
यूपीएसएस 781.000
नैफेड 371.140
भारतीय खाद्य निगम 1153.560
योग 12160.140
क्रय एजेंसी वार खरीद लक्ष्य एवं अभी तक हुई खरीद (टन में) दिवाली के बाद
क्रय एजेंसी खरीद लक्ष्य अब तक हुई खरीद
आरएफसी 138000 73217.90
खाद्य विभाग सोसायटी 12000 16675.61
पीसीएफ 59000 37563.73
यूपी एग्रो 6700 3965.60
एसएफसी 25000 23465.99
कर्मचारी कल्याण निगम 12000 7969.26
पीसीयू 50000 40457.22
यूपीएसएस 35000 36984.73
नैफेड 18000 9831.26
भारतीय खाद्य निगम 5300 14768.60
तिलहर में कागजी हेराफेरी कर लक्ष्य पूर्ति
तिलहर। मंडी में आढ़तें और राइस मिलें धान से पट गई थीं, लेकिन सेंटरों पर खरीद बेहद कम हो रही थी। यह स्थिति तब थी, जब धान के अधिकतर खेत खाली हो चुके थे। मंडी सचिव पंकज मिश्रा के अनुसार 24 नवंबर तक मंडी में धान की 180634.60 क्विंटल कुल आवक हुई थी। इसमें आरएफसी प्रथम क्रय केंद्र पर 28601.20 क्विंटल, आरएफसी द्वितीय केंद्र पर 15395.20 क्विंटल, पीसीएफ केंद्र पर 8582 क्विंटल और एसएफसी क्रय केंद्र पर 15169.20 क्विंटल खरीद शामिल थे। चारों सेंटरों पर सिर्फ 67747.60 क्विंटल धान खरीदा गया जबकि आढ़तों पर 1.12 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा गया था। सूत्रों का कहना है कि कि राइस मिलर्स ने जो धान खरीदा उसे क्रय केंद्रों के कागजों पर दर्शा कर सरकारी खरीद का आंकड़ा पूरा कर दिया गया।
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