भाजपाइयों ने थाने का किया घेराव, धरने पर बैठे नेता
किशोरी के अपहरण के आरोपियों को छोड़े जाने पर भड़का गुस्सा
मामला दो संप्रदायों का होने से पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूले
एसडीएम, सीओ से भाजपा नेता की हुई नोकझोंक, मांगा तीन दिन का समय
कई थानों का पहुंचा पुलिस फोर्स, बमुश्किल संभाली स्थिति
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अमर उजाला ब्यूूरो
कलान (शाहजहांपुर)। किशोरी का अपहरण करने के आरोपियों को थाने से बिना कार्रवाई के छोड़ देने पर भाजपाइयों का गुस्सा भड़क गया। पीड़ित परिवार की मदद में आए भाजपा नेता मनोज कश्यप कार्यकर्ताओं के साथ थाने में ही धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ शिव प्रसाद दुबे से भाजपा नेता की नोंकझोंक हो गई। तीन दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी के आश्वासन पर भाजपाई शांत हुए।
क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की 17 वर्षीय बेटी एक तांत्रिक राशिद हकीम के यहां पांच हजार रुपये प्रतिमाह पर काम करती थी। राशिद किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। राशिद हकीम बदायूं के थाना सहसवान के गांव चमनपुर का रहने वाला है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर राशिद हकीम, सगीर उर्फ सिपाही महफूज, इबादत, सानू ,जावेद अख्तर, चांद बेगम उर्फ इस्ताक के खिलाफ अपहरण व एससी एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। थानाध्यक्ष कलान ने अभियुक्त जमील अख्तर, सगीर अख्तर को थाने में बैठाने बाद छोड़ दिया। भाजपा नेता ने कहा एससी एसटी एक्ट में थाने से जमानत नहीं दी जा सकती है इसके बाद यह मामला दो संप्रदायों का है। इस मामले में सीधे तौर पर लव जेहाद देखा जा सकता है। उन्होंने पुलिस पर मोटा पैसा लेकर अभियुक्तों को छोड़ने का आरोप लगाते हुए तत्काल अभियुक्तों की गिरफ्तारी करके बरामद लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द करने की बात कहते हुए अभियुक्तों का संरक्षण करने वाले सिपाही आमिर हसन व अनादिल हुसैन का स्थानांतरण जनपद से बाहर किए जाने की मांग रखी। धरने के दौरान नारेबाजी करने पर एसडीएम व सीओ से भाजपा नेता की कई बार हॉट टाक हुई। धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया की लड़की तीन दिन में बरामद कर ली जाएगी। साथ ही अभियुक्तों को जेल भेजा जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में थाना मिर्जापुर, थाना परौर के अलावा सीओ जलालाबाद शिवप्रसाद दुबे, एसडीएम कलान मौजूद रहे। भाजपा नेता ने आश्वासन पर विश्वास जताते हुए कहा कि अगर तीन दिन के अंदर लड़की को बरामद कर उसके परिवार को नहीं सौंपा गया और आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया तो वह रोड जाम करने के लिए मजबूर होंगे।