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सर! चार दिन से बुखार आ रहा है, फायदा दो पैसा का नहीं

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फोटो-48,जिला अस्पताल में डॉक्टर कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़
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फोटो-49,ट्रामा सेंटर में मरीजों की भीड़
सर! चार दिन से बुखार आ रहा है, फायदा दो पैसा का नहीं
बुखार से बेहाल हो रहे मरीज, डॉक्टरों के कक्ष में लग रही लाइन
वार्ड में अलग से डलवाए गए बेड, फिर भी बढ़ रही मरीेजों की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सर! चार दिन से बुखार आ रहा है, किसी दवा से फायदा नहीं होने की बात कहकर मरीज डॉक्टर से बेहतर इलाज की गुहार लगा रहा है। यह नजारा जिला अस्पताल की ओपीडी और ट्रामा सेंटर में देखने को मिल रहा है। बुधवार को भी जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की ही संख्या अधिक नजर आ रही थी। वार्ड में जगह कम होने के कारण अलग से वेड डलवाए गए हैं।
शहर के मोहल्ला ककरा निवासी 26 वर्षीय काशी ने बताया कि उसे चार दिन से बुखार आ रहा है। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खाई लेकिन उसे फायदा नहीं हुआ। जब तक दवा का असर है तब तक बुखार गायब और दवा का असर कम होते ही फिर से बुखार आता है। बुधवार को वह जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचे, तब डॉक्टर ने उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टर पाराशर अभी हट भी नहीं पाए थे कि तभी रोजा की श्वेता सिंह भी बुखार से पीड़ित पहुंच गई, बोली दो दिन से हल्का बुखार आया लेकिन बुधवार सुबह सोकर उठी तो गले में खरास के साथ ही सिर में तेज दर्द और बदन दर्द शुरू हो गया। कुछ इसी तरह का हाल ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों का भी था। डॉक्टर कक्ष के बाहर लंबी लाइन लगी हुई थी। कुछ अलग सीट पर बैठे अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। इमरजेंसी में तो अतिरिक्त बेड डलवाने पड़ गए। इसके अलावा गंभीर बीमार लोगों के लिए अलग से भी एक कमरा रिजर्व किया गया है।
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लगभग 1800 मरीजों की हो रही ओपीडी
जिला अस्पताल में करीब 1800 मरीजों की ओपीडी हो रही है। यही हाल ट्रामा सेंटर का भी है। यहां पर भी रात 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों की संख्या 130 पहुंच चुकी थी।
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...और तब फूल गए अस्पताल स्टाफ के हाथ-पांव
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में सुबह से वैसे ही बुखार के मरीजों की भीड़ लगी हुई थी, तभी 10:35 बजे अचानक कलान क्षेत्र में बस पलटने की घटना में घायल हुए तीर्थ यात्री आ गए। इससे अस्पताल स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। एक तो स्ट्रेचर खाली नहीं थे, वहीं वेड भी भरे हुए थे। आनन-फानन में व्यवस्था करके इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त वेड डलवाए गए। इसके बाद मरीजों को वहां शिफ्ट किया गया और उपचार शुरू हुआ।
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डेंगू, जेई वार्ड भी बनाए गए
सीएमएस डॉक्टर एमपी गंगवार ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए एहतियातन डेंगू और जेई वार्ड बना दिए गए हैं, हालांकि अपने यहां इस तरह का मरीज अभी नहीं पाया गया है। यदि इस तरह का मरीज पाया जाता है तो उसके लिए अस्पताल स्टाफ तैयार है। जो मरीज आ रहे हैं, उन्हे बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
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