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हत्या के मुकदमे में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद

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हत्या के तीन अभियुक्तों को उम्रकैद
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25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया गया दंडित
वर्ष 2003 में इटौआ के राजपाल की कर दी गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के गांव इटौआ निवासी राजपाल की वर्ष 2003 में हुई हत्या के मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला जज प्रेमकला सिंह ने तीन अभियुक्तों को आरोप सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसी मामले के सह अभियुक्त संतोष के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
गांव इटौआ निवासी राजपाल एक दिसंबर 2003 को अपने भाइयों श्यामपाल, ओमप्रकाश व पिता सियाराम के साथ निगोही बाजार से साइकिल से घरेलू सामान खरीदने जा रहा था। दिन के 11 बजे रास्ते में डड़िया बाजार से पहले सड़क किनारे पेड़ों की ओट में छिपे बैठे गांव के ही चंद्रपाल, ब्रह्मपाल,भूरा रायफल लिए हुए और गांव कुकहा महमूदपुर हाल निवासी डड़िया बाजार के संतोष दो नाली बंदूक लिए, मिल गए। राजपाल व उसके भाइयों और पिता को इन लोगों ने रोक लिया और हत्या के प्रयास के मामले में समझौता करने की बात करते हुए जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। इस पर राजपाल ने कहा कि वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेगा, इतना सुनते ही विपक्षियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें राजपाल को गोली लग गई, इससे उसकी मौत हो गई, जबकि पिता और भाइयों ने पेड़ों की ओट में छिपकर जान बचाई। इस बीच तमाम लोग आ गए, जिन्हें देखकर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। घटना की रिपोर्ट मृतक राजपाल के पिता सियाराम ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रभारी जिला शासकीय वकील मनोज कुमार मुनी की ओर से प्रस्तुत किए गए गवाहों के बयान सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने आरोपी चंद्रपाल, भूरा, ब्रह्मपाल को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंड़ित किया।
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इस रंजिश ने बढ़ाई थी रार
मुकदमे के वादी सियाराम के चचेरे भाई लालाराम की पत्नी मुन्नी देवी को घटना से दस माह पहले चंद्रपाल बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस घटना के एक माह बाद उसने सियाराम के परिवार के नरेश और रहेशपाल को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसी रंजिश में सियाराम के बेटे राजपाल की हत्या कर दी गई।
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