पुवायां (शाहजहांपुर)। यदि इरादा पक्का और अच्छा है तो इस समाज में कोई काम नामुमकिन नहीं है। बस जरूरत होती है सहीं मार्गदर्शन और इंसानी संवेदनाओं को जगाने की। मासूम हनी सिंह के मामले में भी यही सब कुछ तो हुआ। उसके पिता की मुफलिसी की कहानी जब अमर उजाला ने आईने के रूप में इस समाज के सामने रखी तो लोग पसीज गए। दिल का छेद भरने के लिए आड़े आ रही धन की कमी पूरी हुई और दो वर्षीय हनी सिंह के दिल का ऑपरेशन सफल हो गया। उसकी जिंदगी को एक नया उजाला मिल गया।
गौरतलब है कि पुवायां के गांव जेंबा निवासी दो वर्षीय हनी सिंह के दिल में छेंद था, जिसके ऑपरेशन के लिए पीजीआई ने दो लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया था। हनी के पिता वीरेश सिंह मुफलिसी के चलते उसका इलाज कराने में असमर्थ थे। अमर उजाला ने कई दिन तक इस मामले को प्रमुखता से उठाया। लोगों को उसके दर्द से वाकिफ कराकर लोगों की संवेदनाएं जगाईं। कुछ ने धन देने का मन बनाया तो किसी ने दुआओं की झड़ी लगा दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता बलवीर सिंह ने हनी सिंह के इलाज में मदद को फाइल मुख्यमंत्री दफ्तर भिजवाई। सामाजिक संस्था पहल ने भी रचनात्मक पहल की। विधायक चेतराम ने विधायक निधि से वीरेश को एक लाख रुपये की चेक दिलवाया। इसके अलावा दिलदारों से लगभग 50 हजार रुपये एकत्र हुए।
ऋषि शुक्ला आदि ने लखनऊ में हनी सिंह के लिए ब्लड डोनेट किया। इसके बाद बुधवार सुबह आठ बजे हनी सिंह का ऑपरेशन शुरू हुआ। पांच डॉक्टरों सहित 10 सदस्यीय टीम ने पांच घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन के बाद हनी सिंह के पिता वीरेश को ऑपरेशन सफल होने की सूचना दी। ऑपरेशन के बाद हनी सिंह को सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। अभी किसी को भी उससे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। वीरेश ने लखनऊ से फोन पर बताया कि पुत्र को नई जिंदगी दिलवाने में सहयोग के लिए अमर उजाला के शुक्रगुजार हैं। वह पहल संस्था के सदस्यों, आठ वर्षीय अनमोल तिवारी समेत मददगारों का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।