जिले में 33 केवी लाइन में सोमवार रात से लेकर मंगलवार दोपहर तक कई फाल्ट हुए। इससे कई बार सब स्टेशनों में जंपर जल गए। कई मोहल्लों में रातभर अंधेरा छाया रहा तो दिनभर लोग बिजली को तरसते दिखे। इसके साथ ही शेड्यूल से होने वाली बिजली कटौती ने कोढ़ में खाज का काम किया। फाल्ट की शिकायतों पर जेई ने फील्ड स्टॉफ को मौके पर भेजकर लाइन ठीक कराई तो प्रभावित क्षेत्रों में कटौती लागू हो गई।
सोमवार रात आठ बजे पैना के 220 केवी ट्रांसमिशन पॉवर स्टेशन से ककरा कलां सबस्टेशन जाने वाली 33 केवी लाइन इनकमिंग लाइन में फाल्ट होने से सबस्टेशन के सारे फीडरों से बिजली सप्लाई बंद हो गई। ककरा सबस्टेशन प्रभारी जेई ने अब्दुल्लागंज की लाइन से ककरा का नेटवर्क जोड़कर किसी तरह सप्लाई बहाल कराई। इससे सिर्फ दो घंटे ही सप्लाई हो सकी। रात में करीब दस बजे से तीन घंटे की रात्रिकालीन कटौती लागू कर दी गई, जिससे आधी रात के बाद ही बिजली आ सकी। सुबह आठ बजे तक ककरा कलां के फीडरों पर बिजली सप्लाई चालू रही, लेकिन बाद में इनकमिंग लाइन में दोबारा फाल्ट हो गया। इससे मंगलवार सुबह कई स्थानों पर जंपर जल गए। सुबह से ही बिजली सप्लाई बंद हो गई। जेई मिश्रा ने फील्ड स्टाफ से लाइन चेक कराई तो चिनौर से लेकर सेना के चांदमारी तक कई जगह जंपर जले पाए गए। इन्हें ठीक करने में करीब दो घंटे लग गए। इसके बाद बिजली सप्लाई चालू हुई, तो कुछ ही मिनट बाद दोपहर की कटौती लागू हो गई। इस कारण ककरा सबस्टेशन से जुड़े तमाम मोहल्ले और कालोनियों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। हालांकि, ककरा कलां सबस्टेशन के प्रभारी जेई अलंकृत मिश्रा ने फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजकर लाइन ठीक कराई, लेकिन बाद में कटौती लागू हो जाने से प्रभावित क्षेत्र के करीब आठ हजार घरों में लोगों को दोपहर तक बिजली को तरसना पड़ा।
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दोपहर तक पानी को तरसे लोग
लाइन में फाल्ट होने के कारण ककरा कलां, मदराखेल, अलीजई, लोहारों का चौराहा, आनंदपुरम, आजादपुरम, तिलहरजई, ककरा खुर्द, विश्वकर्मा चौक, विवेक विहार, बीबीजई, हद्दफ, सुभाषनगर, प्रोफेसर कालोनी, मामुड़ी, ईदगाह रोड आदि क्षेत्रों में दोपहर तक बत्ती गुल रही। इससे घरों में लगे जेट पंप और सबमर्सिबल नहीं चल पाए, इससे लोग परेशान रहे।