कहीं से भटक कर गांव मनोरथपुर सहसोबारी में आए बारहसिंगा पर मंगलवार सुबह कुत्तों ने हमला बोल दिया। बुरी तरह से जख्मी बारहसिंगा की कुछ ही देर में मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव पोस्टमार्टम कराने के बाद गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया।
गांव वालों के अनुसार सुबह करीब छह बजे गांव से दूर पश्चिम दिशा में स्थित तालाब के पास कुत्तों के लगातार भौंकने की आवाज सुनकर कुछ लोग वहां पहुंचे तो पास के गड्ढे में लहूलुहान बारहसिंगा पड़ा था और वहां मौजूद तमाम कुत्ते उसे नोंच कर भाग रहे थे, उस समय वह जिंदा था और उसके पिछले हिस्से में काफी मांस गायब था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर पुलिस की सूचना पर वनरक्षक संतोष कुमार गौड़ अपने अन्य सहकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद वनकर्मी उसका शव लेकर नगर के पशु चिकित्सालय पहुंचे। जहां डॉ. दुष्यंत यादव ने उसका पोस्टमार्टम किया। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी है। कुत्तों के नोंचने के अलावा बारहसिंगा के शरीर कोई अन्य निशान न होने पर अनुमान लगाया जा रहा है कि कुत्तों के झुंड ने उसे अपना निशाना बना लिया।
---------
बारहसिंगा के शरीर पर घाव के निशान पाए गए हैं। उसे शिकारी कुत्तों ने दौड़ा लिया और हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोपाल ओझा, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग शाहजहांपुर
--------
पहले भी मर चुके हैं वन्य जीव
शाहजहांपुर। इससे पूर्व कांट, सेहरामऊ दक्षिणी, रोजा व तिलहर क्षेत्र में भी हिरन व चीतल के शव बरामद हो चुके हैं। इनकी सुरक्षा के संबंध में वन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नही उठाए हैं।