मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। घुमंतू गायों के बछड़ों को आवारा कुत्तों के नोंचकर खा जाने से आहत गुरुकुल परिवार के मुखिया डॉ. देवपाल आचार्य ने रविवार से मौन व्रत रखकर समर्थकों के साथ शनिवार देर शाम से भूख हड़ताल शुरू कर दी।
दरअसल डॉ. देवपाल शनिवार को किसी काम से कलान गए थे। वहां से शाम को लौट रहे थे। रास्ते में धर्मजीत सिंह डिग्री कॉलेज के पास आवारा कुत्ते घुमंतू गायों के दो नवजात बछड़ों को नोंचकर खा रहे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि यह वीभत्स दृश्य देखकर द्रवित हुए आचार्य ने बछड़ों को बचाने का बेहद प्रयास किया, लेकिन इस प्रयास में सफल नहीं हुए। बछड़ों की मौत से आहत आचार्य डॉ. देवपाल ने बदायूं रोड पर ग्राम नूरपुर तरसौरा में ग्राम समाज की खाली पड़ी जमीन पर गोशाला बनाए जाने की मांग को लेकर मौन व्रत के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वह पहले भी गोशाला बनाने के लिए मुख्यमंत्री समेत फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर के डीएम से पत्राचार कर चुके हैं।
उनके समर्थन में आर्य समाज बहेरिया के मंत्री रामनिवास शर्मा, देवेन्द्र गुप्ता, ओमपाल सिंह चंदेल, सुरेश यादव, रामनाथ यादव, बाबूराम आदि दर्जनों लोग अनशन स्थल पर बैठ गए हैं। आर्य समाज के मंत्री रामनिवास ने कहा कि वह शीघ्र ही प्रतिनिधि मंडल के साथ डीएम से मिलकर घुमंतू गायों के संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए गोशाला के लिए ग्राम सभा की भूमि दिए जाने की मांग करेंगे। मौन व्रत लेकर आमरण अनशन पर बैठे गुरुकुल परिवार के मुखिया डॉ. देवपाल ने लिखकर बताया कि गौशाला के लिए भूमि मिलने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।