शाहजहांपुर। तक्षशिला पब्लिक स्कूल में सीबीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों के शिक्षकों की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि बोर्ड के संयुक्त निदेशक रामशंकर ने किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार का लोकार्पण भी किया।
सीबीएसई स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक रामशंकर ने कहा कि कुशल शिक्षक ही देश को भावी नागरिक दे सकते हैं। इसलिए शिक्षकों को भी शिक्षण कला में निरंतर निखार लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापरक ज्ञानार्जन के लिए क्लासरूम मैनेजमेंट (कक्ष प्रबंधन) जरूरी है। इस कार्य को चुनौतीपूर्ण ढंग से लेने की जरूरत है, क्योंकि इसमें बच्चों जानने और मेरिट बनाने, व्यवहारिक पक्ष अपनाने, बच्चों की रुचि को समझने, विद्यार्थियों को प्यार से समझाने और उन्हें भी सम्मान देने की दिशा में काम करना शामिल होता है। उन्होंने कहा कि कक्ष प्रबंधन करते समय छात्र-छात्राओं का अनुशासन और विद्यालय की छवि का भी ध्यान रखने की जरूरत होती है।
इसके पश्चात संसाधन व्यक्तित्व के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जय कुमार सिंह और नवयुग रेडिएंट्स लखनऊ की प्रधानाचार्य बी सिंह ने शिक्षकों को अनुभव बांटते हुए उपयोगी जानकारी दी। जय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक को शिक्षण कक्ष में पूरी तैयारी के साथ जाना चाहिए। शिक्षक को अपनी कल्पनाशीलता और क्रियात्मक सोच का उपयोग बच्चों के हित में करना उपयोगी साबित होगा।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने विद्यालय के निदेशक अरुण खंडेलवाल और प्रबंधक राज कुमार खंडेलवाल के साथ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार के शिलापट का अनावरण कर लोकार्पण किया। हेमंत अनेजा के संचालन में शुरू हुई कार्यशाला में बच्चों ने गुरु वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। उप प्रधानाचार्य केसी जोशी के मार्गदर्शन में हुए आयोजन में प्रधानाचार्य उज्ज्वला सिन्हा ने आभार जताया।