शाहजहांपुर। सहालग में करारे नोटों की गड्डियों की मांग बढ़ी है, जो बैंकों से मिल नहीं पा रही हैं। बाजार में इनकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। यहां 20 का करारा नोट 25 रुपये में बेचा जा रहा है। 50 के करारे नोट की कीमत भी 55 रुपये है।
शनिवार को बहादुरगंज में पिंक टॉयलेट के पास स्थित नोटों की माला व पूजा सामग्री की दुकानों पर पड़ताल करने पर इसका खुलासा हुआ। यहां एक दुकानदार से 10, 20 व 50 रुपये के करारे नोट की गड्डी मांगी गई तो नोटों की कालाबाजारी होने की हकीकत सामने आ गई। दुकानदार ने बीस और पचास रुपये की गड्डी देने के लिए असल कीमत से पांच सौ रुपये अधिक मांगे। यानी 20 रुपये के 100 नोट की गड्डी 2500 रुपये तथा 50 रुपये के नोट की गड्डी 5500 रुपये की मांग की गई। एक से दस रुपये की गड्डी नहीं मिल पाने की बात कही गई।
500 रुपये तक के नोट की लगी माला 600 रुपये में
बरात में दूल्हे को पहनाने के लिए दस से लेकर 500 रुपये तक के नोटों की माला बाजार में उपलब्ध है। एक दुकानदार ने बताया कि 10, 20 और 50 रुपये के नोट लगी माला 600 रुपये में बेची जा रही है। इसमें कुल 500 रुपये के नोट लगाए जाते हैं। इसके अलावा जितने नोटों की माला तैयार कराई जाती है, उसके लिए 100 से 250 रुपये तक अधिक देने पड़ते हैं।
कीमत से अधिक में नही चला सकते नोट
-रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार, कोई भी नोट उस पर लिखी कीमत से अधिक में नहीं चलाया जा सकता। बैंक से खाताधारक को ही नए नोट दिए जा सकते हैं। उन्हें भी हर समय नए नोट उपलब्ध नहीं हो सकते। एलडीएम आरआर तिवारी ने बताया कि जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बैंकों को नए नोट भेजे जाते हैं, तब ही उनका वितरण किया जाता है। वर्तमान में नकदी का प्रयोग कम होने से इनकी नोटों की छपाई कम हो रही है। उनका कहना है कि बाजार में नोटों की कालाबाजारी की निगरानी करना प्रशासन का काम है।
अभी तक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। न ही कोई शिकायत प्राप्त हुई है। अगर इसको लेकर कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच करके कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट