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फाइलों में गुम हो गया खुटार में 20 बेड का अस्पताल और कलान की सीएचसी

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कलान का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए जिला योजना 2021-2022 से 885 लाख रुपये मंजूर किए थे। अच्छा खासा बजट का स्वीकृत होने के बाद ग्रामीण इलाकों में एक-एक पीएचसी-सीएचसी, सात पीएचसी की मरम्मत और चार रोगी आश्रय स्थल को बनाने का खाका खींचा गया था। बजट स्वीकृत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुटार में 20 बेड का जज्जा-बच्चा अस्पताल और कलान में सीएचसी के लिए जमीन की तलाश शुरू की थी, लेकिन बजट न आने के बाद जिला योजना के काम की फाइलों में गुम हो गए हैं।
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गांव-देहात से आने वालों को स्वास्थ्य इकाइयों पर इलाज तक नहीं मिल पाता। सबसे ज्यादा दिक्कत खुटार और कलान इलाके के लोगों को उठाना पड़ती थी। खुटार में पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी बना दिया गया था। उच्चीकरण होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में यहां सुधार नहीं हुआ। नवदिया नवाजपुर और कहमरिया गांव की पीएचसी का हाल भी बुरा है।
कलान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। दोनों ही ब्लाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं देने के लिए जिला योजना में विशेष प्रबंध किया। खुटार में 20 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल और कलान में पीएचसी का निर्माण कराए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी। उद्देश्य था कि दोनों ही ब्लाकों में स्वाथ्य सेवाएं अच्छी होने से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय आने से छुटकारा मिलेगा, पर धनराशि अवमुक्त न होने के कारण कार्य अधर में लटक गया है।
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दो बीघा जमीन का निरीक्षण किया, फिर लौटकर नहीं आए
खुटार क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों की जिला मुुख्यालय तक की दौड़ को खत्म करने के लिए सीएचसी के पीछे 20 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाने के लिए दो बीघा जमीन को देखा गया था। सीएमओ समेत तकनीकी टीम ने निरीक्षण भी किया था, लेकिन उसके बाद अधिकारी लौटकर नहीं गए।
कलान में दो साल से सीएचसी की उठाई जा रही मांग
कलान ब्लाक के लोग शाम ढलते ही स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो जाते हैं। पीएचसी की जर्जर काया के चलते यहां पर इलाज मिलना संभव नहीं होता है। शाम होते ही डॉक्टर और स्टाफ नदारद हो जाता है। ऐसे में बीमार होने पर मरीज को लंबी दूरी तय करना पड़ती है। कलान से राजकीय मेडिकल कॉलेज आने के लिए 65, बदायूं जाने पर 50 और फर्रूखाबाद के लिए 55 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
कस्बे में स्वास्थ्य सेवाओं को उपलध कराने के लिए आकाश गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को मांग पत्र देकर पीएचसी को उच्चीकृत कराने की मांग की थी, जिससे कलान और मिर्जापुर के सैकडा़ें गांवों के लोगों को लाभ मिल सकें। जिला योजना में पीएचसी बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई। लोगों में उम्मीद बंधी थी कि सीएचसी बनने से 24 घंटे डाक्टर उपलब्ध रहेंगे, साथ ही अन्य स्वास्थ्य लाभ मिल सकेेंगे।
सीएमओ कार्यालय में निर्माण कार्यों की फाइल गुम
जिला योजना में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के साथ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य मद में 885 लाख रुपये अनुमोदित किए गए थे। इसके तहत खुटार और कलान में नए निर्माण, सात पीएचसी की मरम्मत और चार रोगी आश्रय स्थल को बनाया जाना था। इन निर्माण कार्यों की फाइल का सीएमओ कार्यालय में ही गुम हो गई। किसी को कार्यों के बारे में याद तक नहीं है। एक पटल से दूसरे पटल तक जाने के बाद भी सभी ने हाथ खड़े कर दिए। जिला योजना के तहत होने वाले कार्यो के बारे में सीएमओ भी सिर्फ नए निर्माण कार्यों के बारे में बता दिया, शेष के बारे में उन्हें भी कुछ याद नहीं था।
खुटार में नए अस्पताल के निर्माण के लिए निरीक्षण करने गए थे। सीएचसी के पीछे ही जमीन को देखा था। इसके अलावा कलान में सीएचसी बनना है। पीएचसी की मरम्मत और रोगी आश्रय स्थल के बारे में जानकारी नहीं है। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
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