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गंगा का जल स्तर घटा, रामगंगा में समाईं पांच ठोकरें

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फोटो-14,15,16
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गंगा का जल स्तर घटा, रामगंगा में समाईं पांच ठोकरें
कई इलाकों में तेज हुआ कटान, परौर में स्कूलों को खतरा
मिर्जापुर में गंगा कर रहीं कटान, बालू की बोरियां बहीं
अमर उजाला ब्यूरो
परौर/मिर्जापुर। गंगा और रामगंगा के तटवर्ती इलाकों में खतरा कम नहीं हो रहा। दोनों नदियां तेजी से कटान कर रही हैं। हालांकि, गंगा के जल स्तर में शुक्रवार को कुछ कमी देखी गई लेकिन कटान की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। कटान रोकने को लगाई गईं बालू भरी बोरियां भी गंगा में समा गईं। इधर, परौर, मोहनपुर, बिचपुरी में रामगंगा कटान कर रही हैं। परौर के प्राथमिक विद्यालय संख्या एक, दो और जूनियर हाई स्कूल के लिए भी खतरा पैदा हो गया है।
रामगंगा के रुख में तब्दीली नहीं हो रही है। शुक्रवार को भी रामगंगा में पानी छोड़ा गया। परौर में रामगंगा पूरब और पश्चिम दिशा में कटान कर रही हैं। रामगंगा के पास ही रामताल भी रामगंगा की जद में आने की संभावना है। कटान के चलते रामताल धारा से करीब 15 मीटर दूरी पर रह गया है। परौर, मोहनपुर, बिजपुरी में काफी जमीन के साथ पांच ठोकरें भी रामगंगा में समा गई हैं। शारदा नहर खंड के एक्सईएन आरके वर्मा का कहना है कि ठोकरों के ऊपर से पानी बह रहा है। नीचे ठोकरें कटान को रोके हुए हैं। इसके बाद भी जरूरी हुआ तो बालू भरे बोरे लगवाए जाएंगे।
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इधर, गंगा के जल स्तर में कुछ कमी आई है। जल स्तर कम होने के साथ कटान और तेज हो गया है। मिर्जापुर में गांव मौसमपुर के पास काफी जमीन गंगा में समा गई है। कटान रोकने के लिए लगाई गईं बालू की बोरियां भी बह गई हैं। हरिहरपुर में गंगा का कटान बस्ती तक पहुंच चुका है। कुनिया गांव में भी कटान से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। पहरुआ और मौसमपुर में भी कटान आबादी तक पहुंच चुका है। ऐसे में ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है।
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कई इलाकों में नहीं पहुंच रही राहत
गंगा और रामगंगा की बाढ़ का सामना कर रहे कलान, मिर्जापुर, परौर क्षेत्र के कई गांवों में राहत नहीं पहुंच पा रही है। जहां ज्यादा कटान हुआ है वहां ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इनके सामने संकट पैदा हो गया है। स्वास्थ्य सेवाओं का भी बुरा हाल है। पानी घटने के बाद बाढग्रस्त इलाकों में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा।
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