सुपरफास्ट और लोडेड ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाएगा डबल पावर इंजन
अमेरिका से रोजा पहुंचा 12 हजार हार्स पावर का इंजन
25 से 30 किमी मीटर प्रतिघंटा बढ़ जाएंगी ट्रेनों की रफ्तार
लोको पॉयलट को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद ट्रेनों में लगेगा इंजन
फोटो-21
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा (शाहजहांपुर)। अमेरिका निर्मित 12 हजार हार्स पावर का इंजन बृहस्पतिवार को रोजा स्थित डीजल लोको शेड में पहुंच गया। प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इंजन को ट्रेनों में लगाया जाएगा। इससे ट्रेनों की रफ्तार में 25 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की और बढ़ोतरी हो सकेगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस इंजन को दो इंजन जोड़कर बनाया गया है। अभी प्रशिक्षण के लिए केवल एक इंजन यहां भेजा गया है। इसे संचालित करने के लिए एक लोको पायलट ग्रुप को पांच दिन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक ग्रुप में पांच लोको पायलट शामिल रहेंगे। हालांकि इस इंजन का ट्रॉयल बरेली-दिल्ली रूट पर किया जा चुका है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद और इंजन आने पर इन्हें सुपरफास्ट दूरंतो, राजधानी, शताब्दी व लोडेड मालगाड़ी में लगाया जाएगा। सुपरफास्ट ट्रेनों की रफ्तार सौ किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस इंजन से इन ट्रेनों की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। वहीं जो लोडेड गाड़ी 25 से 80 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही हैं, वह ट्रेनें इस इंजन के जरिये सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी।
--------
165 लोको पायलट लेंगे प्रशिक्षण
रोजा स्टेशन पर लोको पायलट की ड्यूटी बदली जाती है। यहां मेल, एक्सप्रेस के 35 और मालगाड़ी के 130 लोको पायलट हैं। पांच लोगों को एक ग्रुप में शामिल कर इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-----
डीजल और बिजली से चलेगा इंजन
इस इंजन को विषम परिस्थितियों में भी संचालित करने के लिए बनाया गया है। इसमें डीजल टैंक के साथ ही बिजली से भी संचालित करने की व्यवस्था है। यानि ट्रेन लंबे रूट पर है और कहीं बिजली लाइन नहीं है या बिजली ऑफ है तो ऐसी परिस्थिति में डीजल के जरिये इंजन को संचालित किया जाएगा।