धान खरीद में पीसीएफ और पीसीयू फिसड्डी
0 एक माह मेें हो सकी 25 हजार मीट्रिक टन खरीद
0 पीसीएफ, पीसीयू ने खरीदा सिर्फ 1600 क्विंटल धान
0 डीएम ने अफसरों को दिए एफआईआर के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। खरीफ उत्पादन के लिहाज से धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले में चालू खरीद सीजन में सरकारी हिस्से का अधिकांश धान केंद्र प्रभारियों की लापरवाही और मनमानी से प्राइवेट सेक्टर की झोली में जा रहा है। हाल यह है कि गत वर्ष की तुलना में 49 क्रय केंद्र बढ़ाए जाने के बावजूद एक माह में लक्ष्य के सापेक्ष समर्थन मूल्य पर सिर्फ चार फीसदी खरीद हो सकी है। यही नहीं, सर्वाधिक क्रय केंद्रों वाली एजेंसियां पीसीएफ और पीसीयू खरीद में सबसे पीछे हैं। इसे देखते डीएम नरेंद्र कमार सिंह ने संबंधित क्रय एजेंसी प्रभारियों को आड़े हाथों लेते हुए धान खरीद में शिथिलता बरतने वाले केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
गत खरीफ विपणन वर्ष में जिले में विभिन्न एजेंसियों के 83 क्रय केंद्र्र खोले गए थे। इस वर्ष जिले को 6.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया जो गत वर्ष की तुलना में 80 हजार मीट्रिक टन अधिक है। इसे देखते क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 132 कर दी गई। कहने को सरकारी खरीद 25 सितंबर से शुरू हो गई, लेकिन शुरुआती दो सप्ताह तक तमाम क्रय केंद्र अस्तित्व में नहीं आ सके।
इसके साथ ही मौसम की खराबी से बारिश में धान भीगने से नमी बढ़ी तो दिवाली तक धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ सकी। इसके बावजूद मंडियों में धान की बंपर आवक होती रही और गल्ला आढ़ती समेत राइस मिलर्स इसका फायदा उठाते रहे। अब मानक के अनुरूप 17 प्रतिशत और इससे कम नमी का धान लेकर पहुंचने वाले किसानों से भी हील-हुज्जत करके धान खरीदा जा रहा है। यही वजह है कि अभी तक बमुश्किल 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद हो पाई है। इसमें पीसीएफ और पीसीयू ने सिर्फ 1600 मीट्रिक टन खरीद की है।
बता दें कि जिले में पीसीएफ के 43 और पीसीयू के 30 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसके ठीक उलट मार्केटिंग विभाग 27 केंद्र्रों की बदौलत सबसे ज्यादा 22 हजार मीट्रिक टन खरीद कर चुका है अर्थात अब तक खरीदे गए धान में 88 फीसदी योगदान उसी का है। इसी तरह नेफेड के दस, एसएफसी के आठ, यूपीएग्रो के छह, एफसीआई के पांच और कर्मचारी कल्याण निगम के तीन केंद्रों का खरीद प्रदर्शन सर्वाधिक केंद्र वाली एजेंसियों से बेहतर है।
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सभी केंद्रों पर पैसा और बोरा आदि बारदाना पर्याप्त मात्रा में पहुंचा दिया गया है। इसलिए अब खरीद से आनाकानी करने वाले केंद्र प्रभारियों की कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। डीएम ने पीसीएफ और पीसीयू के प्रभारी अधिकारियों को रोजाना कम से कम एक-एक हजार क्विंटल धान खरीद सुनिश्चित करने के साथ लापरवाह केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
-रूपेश सिंह, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी