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युवाओं और बच्चों में बढ़ रहा जंक फूड का क्रेज

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युवाओं और बच्चों में बढ़ रहा जंक फूड का क्रेज
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तमाम बीमारियों को बढ़ावा देता है जंकफूड
डॉक्टर बोले : जहां तक हो सके बचें
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां (शाहजहांपुर)।
आधुनिक दिखने की होड़ और लुभावने प्रचार के चलते युवाओं और बच्चों में जंक फूड की दीवानगी बढ़ती जा रही है। युवा और बच्चे स्वास्थ्य की चिंता न करते हुए इसके दीवाने हो चले हैं। वह घर का खाना खाने की अपेक्षा जंक फूड को तरजीह दे रहे हैं। जंक फूड सीधे तौर पर बच्चों में मोटापा सहित हृदय और मधुमेह रोग सहित तमाम अन्य बीमारियों को बढ़ावा देता है।
चाइनीज और यूरोपीय देशों की तर्ज पर यहां जंक फूड के प्रति लोगों की खास दीवानगी बढ़ी है। साथ ही इसके कारोबार में दो सालों में जबरदस्त इजाफा भी हुआ है। हर चौराहे पर खुले में ठेलों पर किया जा रहा जंक फूड का कारोबार बीमारियों को दावत दे रहा है। फैट को बढ़ाने के साथ ही हृदय रोग और मधुमेह जैसे रोगों को बढ़ावा देने के कारण अब अन्य देशों में लोग इससे दूरी बनाने लगे हैं, लेकिन भारत में महानगरों की बात तो दूर गांव, देहात में भी जंक फूड का धंधा तेजी से बढ़ता जा रहा है।
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क्या है जंकफूड
जंक फूड आमतौर पर विश्व भर में चिप्स, कैंडी, पिज्जा, बर्गर, फ्रैंकी, चिप्स, चॉकलेट, पेटीज जैसे अल्पाहार को कहा जाता है। कुछ लोग फिश और चिप्स जैसे भोजनों को जंक फूड मानते हैं। इसमें अधिकतर तल कर बनाए जाने वाले व्यंजन शामिल होते हैं। जंक फूड में अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट, वसा और शर्करा होती है। बर्गर में 150-200, पिज्जा में 300, शीतल पेय में 200 और पेस्ट्री, केक में करीब 120 किलो कैलोरी होती है जो आजकल लोगों पर मोटापे के रूप में हावी हो रहा है।
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फोटो-21 (डॉ. अनूप मिश्रा)
जंकफूड से बचें
जंकफूड बच्चों में मोटापे को बढ़ाता है। इसमें बसा और नमक की अधिकता से गैस, तेजाब, पेट में अल्सर होने की आशंका अधिक बढ़ जाती है और हड्डियां भी कमजोर होती हैं। अधिक सेवन करने पर यह हृदय और मधुमेह रोग होने की आशंकाओं को बढ़ा देता है। लिहाजा हर नजरिए से इसका सेवन हानिकारक है। भोजन में अन्य पौष्टिक चीजों को शामिल करें।
डॉ. अनूप मिश्रा (एमडी मेडिसिन) पुवायां
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