पुवायां (शाहजहांपुर)। सोमवार रात गांव बसखेड़ा बुजुर्ग में डीएम नरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित चौपाल में आवास सूची में अपात्रों के नाम पाए जाने पर डीएम ने सूची की निरस्त कर दूसरी सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा लेखपाल के खिलाफ जांच और एएनएम, ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन रोके जाने के निर्देश भी दिए गए।
चौपाल में स्टेट रिसोर्स फाउंडेशन दिल्ली से आए शिव शर्मा ने गांव के लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान बताए और इससे संबंधित एक वीडियो फिल्म भी दिखाई। सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने गांव के लोगों को साफ सफाई बनाए रखने, जलभराव नहीं होने देने की अपील करते हुए मलेरिया आदि के लक्षण बताए। उन्होंने कहा कि बुखार आदि होने पर नजदीक के सरकारी अस्पताल में जाकर दवा लें। बीएसए मनोज कुमार ने गांव के लोगों ने सभी बच्चों को स्कूल भेजे जाने की अपील की।
गांव के लोगों ने ग्राम पंचायत अधिकारी के गांव नहीं आने की शिकायत की। डीएम ने सचिव का वेतन रोके जाने और प्रत्येक शनिवार को गांव आने के निर्देश दिए। गांव के लोगों कुपोषण और हीमोग्लोबीन का मतलब नहीं बता सके। एएनएम के गांव नहीं आने की शिकायत पर डीएम ने एएनएम रामा देवी का वेतन रोके जाने और आशा बहू के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एक व्यक्ति ने लेखपाल धर्मपाल पर विरासत दर्ज करने के लिए पांच सौ रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया तो डीएम ने जांच के निर्देश जारी किए।
डीएम ने कहा कि लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारी गांव में पात्र लोगों के पेंशन फार्म ऑनलाइन कराएंगे और गांव के स्कूल में बिजली कनेक्शन करवाकर पंखे लगवाए जाएं, जिससे गर्मी में बच्चों को राहत मिल सके। गांव के सरकारी नलकूप का ट्रांसफार्मर खराब होने पर बिजली विभाग के एक्सईएन को ट्रांसफार्मर लगवाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सीवीओ को गांव में पशुओं का टीकाकरण कराए जाने के निर्देश भी दिए गए। रात साढ़े नौ बजे तक चली चौपाल में जिले के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
सीएमओ का वाहन नाली में फंसा
पुवायां। गांव बसखेड़ा बुजुर्ग में ढीएम के निरीक्षण के दौरान गांव को साफ और चमाचम दिखाने केे चक्कर में कच्ची नाली के ऊपर मिट्टी डालकर ढक दिया गया। सीएमओ डॉ. आरपी रावत गांव पहुंचे तो उनके वाहन चालक ने रास्ता ठीक समझकर नाली के ऊपर से वाहन निकालने का प्रयास तो वह फंस गया। काफी प्रयास के बाद भी वाहन नहीं निकलने पर गांव के तमाम लोगों मौके पर आए और वाहन निकलवाया।
कई दिन से समझाने का चला दौर, फिर भी फंसे
पुवायां। गांव बसखेड़ा बुजुर्ग में जिलाधिकारी की चौैपाल का कार्यक्रम तीन बार निरस्त हो चुका था। चौथी बार कार्यक्रम तय होने पर स्थानीय कर्मचारियों ने कई दिन पहले से ही गांव के लोगों से शिकायत नहीं किए जाने और चौपाल के बाद उनके सारे काम प्राथमिकता के आधार पर पूरे कर देने का वायदा किया था, लेकिन इसके बाद भी एएनएम, ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखपाल डीएम की क्लास में फेल हो गए।