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संत दर्शन सिंह को अर्पित किए श्रद्धासुमन

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शाहजहांपुर। संत दर्शन सिंह की 28वीं पुण्य तिथि आध्यात्मिक विचार गोष्ठी के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर महिलाओं ने गीत और भजन गाकर गुरू महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
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सावन कृपाल रुहानी मिशन की ओर से कृपाल आश्रम में हुए आयोजन में शाखा प्रभारी डॉ. कैलाश चंद्र रस्तोगी ने कहा कि संत दर्शन सिंह महाराज उच्च कोटि के समाज सुधारक थे। उनकी शिक्षाएं हितकारी थीं। वह कहते थे कि ईश्वर सभी के हृदय में स्थित है, हमें उसकी तलाश अपने अंदर ही करनी चाहिए। राम प्रकाश सेठी ने कहा कि संत हमें एक-दूसरे से प्रेम करने की सीख देते हैं। कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि संतों का जीवन सामान्य मानव जाति को समझ पाना मुश्किल होता है। हम उन्हें उतना ही समझ पाते हैं, जितना वह स्वयं को जाहिर करते हैं। संत दर्शन सिंह भी ऐसी ही महान विभूति थे। इस अवसर पर संस्थाध्यक्ष राजाराम अग्निहोत्री, हरनंदी, सावित्री, रज्जन यादव, शीतला, माया, सरला, अनुपम, प्रेम सेठी, शोभा, लता सरोहा, स्वदेशा कुमारी, ओम प्रकाश धवन, राजेश्वरी आदि ने भी विचार व्यक्त किए और गीतों के माध्यम से संत महाराज के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गोष्ठी के बाद सभी ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में विनय कुमरा, रामचरन लाल, गुरुमीत सिंह बग्गा, लक्ष्मी राठौर, ईश्वरवती, सोनू मेहता, राजेंद्र मेहता, पवन धवन, रेशू सहगल, दिनेश, रेनू, आदर्श तिवारी, मिट्ठू लाल, महेश्वरी देवी, कपिल गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र, उर्मिला, गिरीश चंद्र गुप्ता, सरिता प्रजापति, विजय प्रजापति, बिंद्रा देवी, किरन वर्मा आदि का योगदान रहा।
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