शाहजहांपुर। गंगा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे नमामि गंगे प्रोजेक्ट के समानांतर गंगा की सहायक नदी रामगंगा को विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) नवजीवन देगी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की कार्य योजना मे शामिल रामगंगा की सफाई के बारे में रविवार को विनोबा सेवा आश्रम के संयोजकत्व में विकास भवन सभागार में कार्यशाला हुई। जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज ने जीवन के लिए नदियों की अहम भूमिका पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्व की सभी प्रमुख सभ्यताएं नदियों के आसपास फली-फूलीं और विकसित हुई हैं। नदियों से ही मानव जीवन का विकास हुआ है। प्राकृतिक रूप से नदियों में प्रवाहित जल से मानव जीवन का भौतिक पोषण होता रहा, लेकिन नदियों का आवश्यकता से अधिक दोहन किए जाने से उनका प्रवाह कम होने के साथ तटवर्ती क्षेत्रों के लोग प्रभावित होने लगे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बड़े-बुजुर्ग तालाब, कुएं आदि जल स्रोत तैयार कराते थे, जिससे नदियों पर ज्यादा निर्भरता नहीं थी। अब नदियों का दोहन करने के साथ उनमें घातक कचरा डाले जाने से गंगा समेत सभी सहायक नदियां प्रदूषित हो चुकी हैं। नदियों को नया जीवन देने के लिए बारिश के पानी को रोकने के साथ विश्व प्रकृति निधि के प्रयासों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किए जाने की जरूरत है।
डीएम नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मनुष्य के छोटे कदम बहुत दूर तक ले जाते हैं। सृष्टि की संरचना इसका प्रमाण है। यदि कोई ठान ले तो पहाड़ का सीना चीरकर रास्ता बना सकता है। नदियों के सफाई अभियान के साथ इसी आत्मीय भावना और प्रण के साथ हर किसी को जुटना होगा। उन्होंने बताया कि रामगंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों को नदी साफ रखने के लिए घरों में शौचालय बनवाने और खेतों में रासायनिक के स्थान पर जैविक खादें इस्तेमाल करने को प्रेरित किया गया है। सीडीओ टीके शिबु ने कहा कि नदियों के प्राकृतिक जल स्रोत संवारे जाने की जरूरत है और इसमें प्रशासन हर संभव मदद करेगा।
इस मौके पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधि सिद्धार्थ वैद्य और राजेश वाजपेयी ने बताया कि रामगंगा को उसके उद्गम उत्तराखंड के धामपुर से लेकर जिले की सीमा तक स्वच्छ बनाने की कार्य योजना बनाकर कई स्थानों के नदी बेसिन में काम कराया गया है। जिले में रामगंगा के तटवर्ती 39 गांवों में युवाओं को रामगंगा मित्र बनाकर उनसे नदी सफाई अभियान में जरूरी सहयोग लिया जा रहा है। प्रारंभ में विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया ने केंद्रीय राज्यमंत्री समेत अधिकारियों व स्वयंसेवी संगठनों का स्वागत किया। कार्यशाला में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय, मनरेगा उपायुक्त राजेश झा, कृषि वैज्ञानिक एमपी सिंह, डॉ. एलवी सिंह, अमित त्यागी आदि ने विचार व्यक्त किए। विनोबा सेवा आश्रम की सचिव विमला बहन ने सभी का आभार जताया।