पुवायां/खुटार। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कहा कि गोशालाओं में बाड़ आदि लगाकर सांड़ों को भी रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। खुटार के गांव चांदपुर में गोशाला को लेकर उन्होंने बीडीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए रात में मौके पर रुक कर काम पूरा कराने के निर्देश दिए।
रविवार और सोमवार के अंक में अमर उजाला ने खुटार के गांव चांदपुर में गौशाला के नाम पर छोटी पन्नी तान देने और भूसे की व्यवस्था न होने की खबर प्रकाशित की थी। पुवायां के कान्हा पशु आश्रय में गायों के बीमार होने और साड़ों को नहीं रखे जाने पर फसलों को नुकसान की खबर पर भी फोकस किया गया था। डीएम सोमवार को एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के साथ पुवायां कोतवाली पहुंचे और वहां बैरक आदि का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से गोशालाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम सत्यप्रिय सिंह से कहा कि साड़ों को भी गोशाला में बाड़ आदि लगाकर रखा जाए।
इसके बाद खुटार पहुंचे डीएम ने गांव चांदपुर की गौशाला के बारे में बीडीओ पीके शुक्ला से जानकारी ली। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि छुट्टा घूम रहे पशु गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। डीएम ने बीडीओ से पूछा कि पशुओं को चांदपुर गोशाला क्यों नहीं भेजा तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। चांदपुर की गोशाला में पशुओं की संख्या, चारे की व्यवस्था पशुओं के रहने का इंतजाम आदि का भी बीडीओ को कोई जवाब नहीं दे सके। इस पर डीएम ने बीडीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने हरनहाई गांव का भ्रमण करने के दौरान चांदपुर में गोशाला शुरू कराने को कहा था, लेकिन अभी तक आदेश का पालन नहीं कराया गया। डीएम ने कहा कि बीडीओ रात में मौके पर रुक कर काम पूरे कराएं और व्हाट्सएप पर फोटो अपलोड करें। एसडीएम को भी मौका मुआयना कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं सही न होने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बंडा के गांव बरीबरा में भी गौशाला के लिए भूमि चिन्हित कर गोशाला खुलवाने के निर्देश एसडीएम को दिए।