शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद सभागार में आयोजित गोसंरक्षण समिति की बैठक/ कार्यशाला में डीएम अमृत त्रिपाठी ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिए कि आवारा घूमने वाले गोवंशीय पशुओं के गले में रेडियम का पट्टा पहनाएं। नगर पालिका और पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को घायल पशुओं के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। हादसों में घायल होने वाले जानवरों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
डीएम ने गाय पालकों के लिए प्रोत्साहन परक योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोबर, गोमूत्र से बनने वाले उत्पादों की बाजार में काफी मांग है। पशुपालक इनकी बिक्री कर लाभान्वित हो सकते हैं। डीएम ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर किसी भी गांव में सर्वाधिक छुट्टा गोवंशीय पशु पाए जाने पर वहां गोशाला बनाई जाए। गोशाला और चारा के लिए ग्राम सभा में भूमि को चिह्न्ति कर लिया जाए। सभी ईओ को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने यहां तहसीलदार और लेखपाल से मिलकर कान्हा गोशाला की स्थापना के लिए जमीन चिह्न्ति कर लें और शीघ्रता से इसका प्रस्ताव भेजें। गोशालाओं से निकलने वाले गोबर गौर गोमूत्र को उत्पाद बनाने वाले कंपनियों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। बैठक में सीडीओ प्रेरणा शर्मा, एडीएम वंदिता श्रीवास्तव, एसडीएम सदर रामजी मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी सतीश पाठक आदि अधिकारीगण रहे।