शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटर परीक्षा के लिए जारी की गई ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों सूची और उनमें आवंटित किए विद्यार्थियों में हुई गड़बड़ी दुरुस्त करने के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। डीआईओएस के निर्देश पर टीमों ने केंद्रों की दूरी और उनकी धारण क्षमता का सही आंकलन करने काम शुरू कर दिया है ताकि प्रस्ताव भेजकर बोर्ड को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके। इसके तहत व्यापक रूप से हुई गड़बड़ी दूर कराई जाएगी।
ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की सूची जारी करने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक बरेली मंडल (जेडी) ने डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि वह परिषद से प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों पर आवंटित विद्यार्थियों और केंद्रों की धारण क्षमता की सही जानकारी जुटाकर जिला स्तरीय परीक्षा समिति के माध्यम से प्रस्ताव परिषद को भेजना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कमियों को दूर किया जा सके। आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों में यदि किसी विद्यालय के विद्यार्थियों को मानक से अत्यधिक दूरी के केंद्रों पर भेज दिया गया है, तो उसका भी परीक्षण कराकर सही दूरी का प्रस्ताव परिषद को भेजा जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार नवीन परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव भी भेजना सुनिश्चित किया जाए, जिससे नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा का माहौल बन सके।
डीआईओएस डॉ. केएल वर्मा ने इन कमियों को दूर करने के लिए सात टीमें गठित कर काम शुरू करा दिया है। इस कार्य के लिए नगर क्षेत्र में जीआईसी प्रधानाचार्य रणवीर सिंह के नेतृत्व में डॉ. अमीर सिंह और महेंद्र प्रताप सिंह, कलान-मिर्जापुर के लिए आरएस मौर्या, ज्ञानेश वाजपेयी, तिलहर, जैतीपुर और कटरा के लिए विमला कुमारी, डॉ. केके शुक्ला, निगोही और खुदागंज के लिए डॉ. डीआर वर्मा, वाणासुर, जलालाबाद, कांट और मदनापुर के लिए सुनील कटियार, मनीराम, भावलखेड़ा और ददरौल के लिए मनोज दिवाकर, रामभजन, पुवायां के लिए जेपी मौर्या, अनिरुद्ध सिंह को जुटाया गया है।