शाहजहांपुर। नगर निगम की सीमा में जिन संपत्तियों पर अभी तक कोई भी कर नहीं लगता था, उन सभी को टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें अब तक 17000 संपत्तियों को चिह्नित किया गया है, जिनसे गृह व जलकर की वसूली की जाएगी। अब तक करीब 14000 नए भवनों का बिल (मांग पत्र नोटिस) जनरेट किया जा चुका है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह ने बताया कि नगर निगम की ओर से महानगर के 117 मोहल्लों में सर्वे कराया जाना है। इसमें से 54 का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। 23 मोहल्लों का सर्वे बाकी है, जोकि जल्द पूरा होने की संभावना है। अब तक 14 हजार भवनों का बिल जनरेट किया जा चुका है। 3500 भवन स्वामियों को प्राप्त भी कराए जा चुके हैं और उनके चार लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। सितंबर के अंत तक सभी नए संपत्तियों का सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही नोटिस वितरित कर दिए जाएंगे। इससे नगर निगम की सीमा में आने वाली उन सभी संपत्तियों से टैक्स में दायरे में लाया जा सके, जिन पर अभी तक टैक्स नहीं लगा था।
नगर निगम की संपत्तियों के किरायेदारों पर 40 लाख बकाया
नगर निगम की ओर से दुकानों और भूखंडों पर किराये दिया जाता है। शहर में ऐसी 2471 संपत्तियां हैं, जिनको किराये पर दिया गया है। इनमें से हजारों किरायेदारों ने पिछले छह महीने से किराया ही जमा नहीं किया है। जिन पर करीब 40 लाख रुपये का बकाया है। नगर निगम इन किरायेदारों से अपनी संपत्तियों को खाली कराने के साथ ही आवंटन निरस्त करने की तैयारी में है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह ने कहा कि अगर एक महीने के अंदर किराया जमा नहीं किया जाता, तो उन संपत्तियों को खाली कराने के साथ ही आवंटन निरस्त कर किसी और को आवंटित कर कर दिया जाएगा। इसलिए किरायेदार से अपील की जाती है कि वह एक माह के अंदर किराया जमा कर दें।