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दून स्कूल प्रबंधक ने मृत पांच मजदूरों के आश्रितों को दिए दो-दो लाख
श्रम विभाग को जवाब का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। दून पब्लिक स्कूल का निर्माणाधीन लिंटर गिरने से मलबे की चपेट में आकर जान गंवाने वाले पांच मजदूरों के आश्रितों को स्कूल प्रबंधक बृजेंद्र साहनी की ओर से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
दून पब्लिक स्कूल का निर्माणाधीन लिंटर 14 अक्तूबर को ढहने से 18 मजदूर चपेट में आए थे। इनमें तीन मनोज, विनय और परमेश्वरी नाम के मजदूरों की उसी दिन मौत हो गई। बाद में विजय प्रताप सिंह, विजय पाल ने भी दम तोड़ दिया था। स्कूल प्रबंधक बृजेंद्र साहनी, आर्किटेक्ट जसदीप लांबा, इंजीनियर नीरज गौतम और ठेकेदार राजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। श्रम विभाग की ओर से अब तक चार मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। ठेकेदार राजीव जेल भेजा गया है। अब तक स्कूल प्रबंधक, आर्किटेक्ट और इंजीनियर की गिरफ्तारी न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
श्रम विभाग ने दिखाई दरियादिली
मरे पांच मजदूरों में से कोई भी मजदूर श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं था। विजय पाल की मौत आठ दिन बाद हुई। श्रम विभाग ने विजय पाल को लेकर दरियादिली दिखाई है। उसके आश्रितों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए विजय पाल का श्रम विभाग ने हादसे के चार-पांच दिन बाद पंजीकरण कर दिया था। हालांकि, अभी भी उसके आश्रितों को लाभ मिलेगा ही स्पष्ट नहीं है।
वर्जन-
स्कूल प्रबंधक की ओर से मजदूरों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने से श्रम विभाग का कोई लेना देना नहीं है। प्रबंधक को 32 लाख का जो नोटिस दिया गया था, वह लंबित है। 30 दिन में उसे इस रकम का भुगतान करना है। रकम श्रम विभाग के खाते में जमा की जाएगी जो औपचारिकाएं पूरी करके मृतक आश्रितों के खातों में ट्रंासफर की जाएगी। भुगतान न होने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर वसूली की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त